भोपाल
मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के निर्देश के बाद बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात जिस तरह से डीजीपी से लेकर पुलिस अधीक्षक मैदान में उतरे थे। अब ये अफसर लगातार ऐसे ही अंदाज में काम करते हुए दिखाई देंगे। मुख्यमंत्री ने पुलिस अफसरों के साथ अपनी पहली ही बैठक में यह साफ कर दिया था कि मैदान में सभी को काम करना होगा साथ ही औचक निरीक्षण भी करना होगा।
इसके बाद ही डीजीपी से लेकर पुलिस कप्तान तक एक्शन में दिखाई दिए। प्रदेश के सभी आइजी, डीआइजी और एसपी ने रात में लगभग सवा सौ थानों का निरीक्षण किया था। गौरतलब है कि इस दौरान डीजीपी सुधीर सक्सेना जहां रायसेन जिले के औबेदुल्लागंज,भोपाल के बिलखिरिया और टीटी नगर थाने पहुंचे थे। औचक निरीक्षण में डीजीपी ने थानों में खड़े पुराने वाहनों के विधि सम्मत निराकरण, मालखानों में अनावश्यक सामान का निराकरण करने और थानों में पुरुष-महिला बंदी गृहों में सफाई व अन्य व्यवस्थाएं बेहतर करने के लिए कहा। औबेदुल्लागंज में समन व वारंटों की तामीली में देरी पर नाराज भी हुए। इस दौरान मिली कमियों को ठीक करने के निर्देश दिए गए।
शहडोल एडीजी पहुंचे अनूपपुर
इसी तरह शहडोल एडीजी डीसी सागर ने भी औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अनूपपुर जिले के कोतवाली और कोतमा थाने का निरीक्षण किया। वहीं डीआईजी मुकेश श्रीवास्तव ने ब्यौहारी, मानपुर और पाली थाना क्षेत्रों का निरीक्षण किया। यहां पर पुलिस अधीक्षकों ने भी निरीक्षण किया। एडीजी डीसी सागर ने निरीक्षण के दौरान आदतन अपराधियों की जमानत रद्द करने, खुले में मांस बिक्री बंद करवाने, वारंटियों की गिरफ्तारी करने के निर्देश दिए।

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