छतरपुर
मध्य प्रदेश के छतरपुर में थाने पर हमले के बाद से फरार मुख्य आरोपी शहजाद अली को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पैगंबर मोहम्मद साहब पर महाराष्ट्र में की गई एक टिप्पणी के विरोध में शहजाद अली 21 अगस्त को भीड़ लेकर कोतवाली थाने पहुंचा था और इस दौरान हिंसा हो गई थी। पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। पुलिस ने शहजाद को ट्रैफिक थाने के पास गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि वह कोर्ट जाने की कोशिश में था, लेकिन रास्ते में ही दबोच लिया गया। हिंसा के बाद से शहजाद लगातार फरार चल रहा था। पुलिस की कई टीमों को उसकी गिरफ्तारी में लगाया गया था। बताया जा रहा है कि लोकल इंटेलिजेंस और टेक्निकल सर्विलांस की मदद भी ली जा रही थी।
कांग्रेस पार्टी का छतरपुर उपाध्यक्ष रह चुका शहजाद अली छतरपुर में मुस्लिम समाज का एक प्रमुख व्यक्ति है। वह छतरपुर में सदर भी रहा है। पैगंबर मोहम्मद साहब पर टिप्पणी के खिलाफ आक्रोश जाहिर करते हुएए भीड़ के साथ वह थाने पहुंचा था। भीड़ की मांग थी कि आरोपी के खिलाफ छतरपुर में भी एफआईआर दर्ज की जाए। पुलिस के इनकार किए जाने पर भीड़ उग्र हो गई और थाने पर हमला कर दिया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव की ओर से सख्त ऐक्शन का आदेश दिए जाने के बाद अगले दिन पुलिस-प्रशासन ने शहजाद अली की करोड़ों की नई हवेली को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया था। परिसर मं खड़ी कारों को भी नष्ट कर दिया गया था। शहजाद अली ने एक वीडियो जारी करते हुए खुद को बेकसूर बताने की कोशिश की।
शहजाद अली ने कहा था कि नबी की शान में गुस्ताखी के विरोध में वह लोगों के साथ एफआईआर की मांग करते हुए कोतवाली पहुंचा था। वीडियो मैसेज में शहजाद ने कहा था कि कुछ असमाजिक तत्वों ने पथराव कर दिया और उसने उन्हें रोकने की कोशिश की थी। अली ने मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए खुद को समाज सेवक भी बताया था।

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