भोपाल। अपने पितरों-पूर्वजों को तर्पण और स्नान दान के साथ श्राद्धपक्ष (पितृपक्ष) प्रारंभ हो गये। इस दौरान लोग अपने पितरों को तर्पण देने के लिए नदी और जलाशयों के घाटों पर पहुंचे। राजधानी में बड़े तालाब स्थित शीतलदास की बगिया घाट पर लोग अपने पितरों को तर्पण के लिए पहुंचे, जहां ब्राह्मणों द्वारा पितृ तर्पण कराया गया। पितरों को तर्पण का सिलसिला पितृ मोक्ष अमावस्या तक चलेगा। इस दौरान तिथि अनुसार पितृ श्राद्ध भी किया जाएगा।
शास्त्रों के अनुसार श्राद्ध पक्ष में श्रद्धा, पवित्रता एवं विधि विधान से करने पर ही पितृ प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं। श्राद्ध पक्ष में 16 दिन तक तालाब या नदी पर आकर अपने पितरों को पानी दिया जाता है। ब्राह्मण को भोजन कराया जाता है। कौवा, कुत्ता और गाय को पितरों के मनपसंद भोजन बनाकर खिलाया जाता है। श्राद्ध पक्ष का समापन अमावस्या पर होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पितृजन को किया नमन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पितृ पक्ष के अवसर पर सभी पितृजन को सादर नमन किया। उन्होंने कहा कि सभी को अपने पितृजनों का आशीष प्राप्त हो यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों के लिए जारी संदेश में कहा कि हमारे पूर्वजों ने तपस्या, त्याग और परिश्रम से सेवा और धर्म का जो मार्ग प्रशस्त किया है, वही आज हमारे जीवन का आधार है। हमारा संकल्प हो कि हम सभी अपने पितरों के आदर्शों का अनुसरण करते हुए मानव जीवन को पूर्णता प्रदान करें।

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