शहडोल
आदिवासी बाहुल्य शहडोल जिले में एक ओर जहां भाजपा मंडल अध्यक्षों के नाम की घोषणा के बाद खुशी का माहौल है. वहीं दूसरी ओर कुछ मंडल अध्यक्षों के नाम को लेकर विरोध बिगुल भी बजने लगे हैं. पपौंध मंडल में दोबारा उसी मंडल अध्यक्ष के नाम को लेकर जमकर विरोध हो रहा है.भ्रष्टाचार को बढ़ावा और नियमाविरुद्ध मंडल अध्यक्ष बनाने को लेकर विरोध कर रहे हैं.
शहडोल जिले में 19 मंडल अध्यक्षों में से 16 के नाम की घोषणा हो चुकी है. तीन मंडल के मंडल अध्यक्ष सोहागपुर, बुढ़ार और ब्यौहारी के मंडल अध्यक्षों के नाम की घोषणा होना अभी बाकी है. मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर क्षेत्रीय कार्यकर्ता और लोगों में उत्साह है. लेकिन पपौंध मंडल अध्यक्ष श्यामपाल तिवारी की नियुक्ति का विरोध कर रहे हैं. सुमित पांडे, प्रभाकर मिश्रा, संतोष मिश्रा, मुकुंद राम कोल और क्षेत्र के लोगों ने दोबारा मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति पर भाजपा संगठन पर सवाल उठाए हैं.
उन्होंने बताया कि भाजपा की गाइडलाइन को नजरअंदाज करते हुए मंडल अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया. जबकि गाइडलाइन जारी की गई थी कि 2019 से 24 तक बने दो कार्यकाल से बने मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं किया जाना था. बावजूद इसके नियुक्ति किया गया और रायसुमारी की बैठक निश्चित दिनांक के एक दिन पहले ही कराया गया. सभी ने आरोप लगाया कि अगर गाइडलाइन का पालन नहीं करना था तो जारी क्यों की गई. फिलहाल, अब देखना है कि भाजपा संगठन क्या कार्यकर्ताओं की सुनेगी या विरोध को नजरअंदाज किया करेगी.
बता दें कि सीधी मंडल से संजय गुप्ता, करकी से शिव शंकर पटेल त्यागी, पपौंध से श्याम लाल तिवारी, मऊ से सचिन सिंह, बाण सागर से वीरेंद्र वैश्य, जयसिंहनगर से जयश्री कचेर, शहडोल नगर से प्रियम त्रिपाठी, चुहरी से राजीव तिवारी, सिंहपुर से राकेश कुशवाहा, गोहपारू से राम नारायण मिश्रा, धनपुरी से भोला पनिका, बकहो से धर्मेंद्र दुबे, खैराहा से विपुल सिंह, केशवाही से शुभम प्रिंस त्रिपाठी, जैतपुर से सचिन सेठिया के नाम की घोषणा की गई है. जबकि अभी भी जिले के तीन मंडल के मंडल अध्यक्ष सोहागपुर, बुढ़ार और ब्यौहारी के मंडल अध्यक्षों के नाम की घोषणा होना अभी बाकी है.

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