उज्जैन
विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होते ही प्रशासनिक विभाग हरकत में आ गए हैं। महाकाल मंदिर में राजनीतिक आधार पर होने वाली भस्मआरती अनुमति अब बंद कर दी गई है। इनकी अनुमति अब ऑनलाइन में बढ़ाई है। अब आम भक्तों को ऑनलाइन अनुमति उपलब्ध हो सकेगी।
मंदिर समिति के प्रशासक संदीप सोनी ने बताया कि 'नेताओं को 350 भक्तों के लिए भस्म आरती अनुमति सुविधा दी जाती है। इसे आचार संहिता लागू होने के बाद बंद कर दिया गया है। जिसका अतिरिक्त लाभ अब 350 आम भक्तों को मिलेगा। राजनीतिक आधार पर दर्शन के लिए प्रोटोकॉल व्यवस्था भी आचार संहिता लागू रहने तक अब बंद रहेगी। श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति द्वारा अब मंत्री, सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, विभिन्न राजनीतिक दल के प्रमुख पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि के माध्यम से प्रोटोकॉल के लिए आने वाले अतिथियों के नाम लेना बंद कर दिए हैं। यदि यह सुविधा जारी रखते हैं तो आचार संहिता उल्लंघन की श्रेणी में आता है। इसलिए मंदिर समिति ने यह व्यवस्था बंद कर दी है।
प्रशासनिक प्रोटोकॉल पर बैठक के बाद निर्णय
महाकाल मंदिर में राजनीतिक प्रोटोकाल के अलावा प्रशासनिक प्रोटोकाल की भी व्यवस्था है। इसके तहत विभिन्न विभागों के अधिकारियों को दर्शन के लिए विशेष सुविधा प्रदान की जाती है। मंदिर प्रशासक ने बताया कि आचार संहिता में प्रशासनिक प्रोटोकॉल चालू रहेगा या नहीं, इसका निर्णय कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम के साथ बैठक के बाद लिया जाएगा।

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