भोपाल/इंदौर / ग्वालियर
मध्य प्रदेश में आज 'नो-UPI डे' रहेगा। भोपाल, इंदौर समेत पूरे प्रदेश के व्यापारी ₹2000 से अधिक का यूपीआई भुगतान नहीं लेंगे।अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल मध्य प्रदेश ने यह आह्वान किया है।हालांकि, किसी भी व्यापारी से जोर-जबर्दस्ती नहीं की जाएगी। भोपाल में यूपीआई स्कैनर को काले कपड़े से ढांककर सांकेतिक विरोध भी जताएंगे।इससे पहले इंदौर में मंगलवार रात को टाइल्स एंड सेनेटरी वेयर व्यापारी एसोसिएशन के नेतृत्व में रीगल स्क्वायर पर हुए प्रदर्शन में 150 से ज्यादा व्यापारी शामिल हुए। व्यापारियों ने ‘यूपीआई बंद करो, यूपीआई पर चार्ज बंद करो’ के नारे लगाए।
अभी हाल ही में केंद्र सरकार ने दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर लगाया है। सभी व्यापारी इसका विरोध कर रहे हैं।सरकार के इस फैसले का विरोध शहरभर के व्यापारी व उनके संगठन 23 सितंबर बुधवार को नो-यूपीआई डे मनाकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
साथ ही वे अपने-अपने प्रतिष्ठान व दुकान पर यूपीआई स्कैनर को काले कपड़े से ढंककर रखेंगे। नो यूपीआई डे मनाने का आह्वान शहर की व्यापारिक संस्था चैंबर ऑफ कॉमर्स व मध्यप्रदेश व्यापारी संघ ने किया है।
चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष डॉक्टर प्रवीण अग्रवाल सहित सभी पदाधिकारियों का कहना है कि दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई ट्रांजेक्सन पर 0.4 प्रतिशत का एमडीआर लगाना गलत निर्णय है, क्योंकि इसका असर व्यापारियों पर पड़ेगा।
इसके बाद इसका असर कहीं न कहीं आम लोगों पर ही आएगा। अभी सभी व्यापारी अपने कामकाज को सही तरीके से लिखा पढ़ी में ले आए हैं। इस निर्णय से फिर से नकद लेनदेन शुरू होगा और पहले जैसी टैक्स चोरी व कालाधन जैसी समस्याएं पैदा होंगी।
यूपीआई से नहीं करेंगे लेनदेन
इसलिए बुधवार को संस्था के सदस्यों सहित अंचल के सभी व्यापारिक एवं औद्योगिक संगठनों से अपील की गई है कि व्यापारिक ट्रांजेक्शन पर एमडीआर चार्ज लिए जाने का विरोध करते हुए सभी नो यूपीआई डे मनाएं और अपने-अपने स्कैनरों को काले कपड़े से ढंक कर रखें और यूपीआई से लेनदेन न करें।
व्यापार संघ के अध्यक्ष राजेंद्र खंडेलवाल ने बताया कि व्यापार संघ थाटीपुर के नेतृत्व में क्षेत्र के सभी व्यापारी एकजुट होकर विरोध दर्ज कराएंगे। सभी व्यापारी इसकी फोटो संघ के ग्रुप में भेजेंगे, जिसे प्रदेश की वेबसाइट पर अपलोड कर सरकार तक व्यापारियों की नाराजगी पहुंचाई जाएगी।
सरकार का निर्णय व्यापारियों पर आर्थिक बोझ
व्यापार मंडल के प्रदेश महासचिव अनुपम अग्रवाल ने बताया कि सरकार का यह निर्णय सीधे तौर पर व्यापारियों पर आर्थिक बोझ डालेगा। अधिकतम राशि 300 रुपए तक वसूली जाएगी।
यदि व्यापारी एक दिन में 2 हजार रुपए से ज्यादा के 10 ट्रांसजेक्शन भी लेता है तो उसे 3 हजार रुपए देना पड़ सकते हैं। थोक किराना समेत जितने भी थोक व्यापार है, उनके लिए परेशानी ज्यादा बढ़ेगी। किराना में ही 90 प्रतिशत से ज्यादा लेन-देन 2 हजार रुपए से ज्यादा का होता है।
अग्रवाल ने बताया कि वे खुद थोक तेल के कारोबारी है। यदि किसी ने 15 लीटर का एक जार भी लिया है तो उसकी कीमत 2200 रुपए तक है। जब ग्राहक ट्रांसजेक्शन करेगा तो मुझे सीधे तौर पर एमडीआर देना पड़ेगा।
15 अक्टूबर से लागू होगा नया नियम बता दें कि 15 अक्टूबर से ₹2,000 रुपए से ज्यादा के पर्सन टु मर्चेंट यूपीआई पेमेंट पर 0.4% MDR लगेगा। ₹75000 और उससे ज्यादा के लेन-देन पर चार्ज ₹300 रुपए होगा।
प्रदेश के 4700 पेट्रोल पंप पर भी यह फैसला मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने 16 अक्टूबर से 2 हजार से ज्यादा के बिल पर UPI पेमेंट नहीं लेने का फैसला किया है। इससे पहले बुधवार को होने वाले सांकेतिक विरोध प्रदर्शन में भी वे शामिल होंगे।
व्यापारियों के खिलाफ सरकार-खण्डेलवाल
खण्डेलवाल ने कहा सरकार ने यह शुल्क थोपकर डिजिटल इंडिया को सफल बनाने वाले व्यापारी वर्ग की कमर तोड़ने का काम किया है।
कैट का नो यूपीआई डे कल राजीव प्लाजा मेंकंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) बुधवार को नो यूपीआई डे राजीव प्लाजा में दोपहर एक बजे से आंदोलन के रूप में मनायेगा।
कैट के जिलाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने बताया कि इस अवसर पर सभी मोबाइल व्यवसायी धरना प्रदर्शन करेंगे। साथ ही कैट मध्यप्रदेश के अध्यक्ष भूपेन्द्र जैन सभा को संबोधित करेंगे।
कैट के महामंत्री रामकुमार गोयल, कोषाध्यक्ष नितिन गोयल, कार्यक्रम संयोजक एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज चौरसिया ने सभी कैट पदाधिकारी और सदस्यों को नो यूपीआइ डे में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आग्रह किया है।

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