ग्वालियर
पुनीत श्रीवास्तव, ग्वालियर. मप्र पुलिस अब अपनी एक्शन पावर को डिजिटल और आसमानी ऊंचाई देने जा रही है। दंगों और उपद्रव की स्थिति में अब पुलिसकर्मियों को भीड़ के करीब जाकर जोखिम लेने की जरूरत नहीं होगी। सेना और बीएसएफ की तर्ज पर प्रदेश पुलिस टीयर गैस लॉन्चर ड्रोन से लैस होने जा रही है। ग्वालियर के पास स्थित बीएसएफ अकादमी टेकनपुर की टीयर गैस यूनिट ने इन ड्रोन्स को खास तौर पर तैयार किया है। पुलिस मुख्यालय ने पहली खेप में 20 ड्रोन्स का सौदा किया है, जिनकी डिलीवरी का इंतजार अब अंतिम चरण में है।
एडीजी प्लानिंग योगेश चौधरी ने बताया कि ड्रोन्स से प्रदेश में पुलिस की ताकत और तकनीक में इजाफा होगा। ड्रोन की डिलीवरी मिलने के बाद उन्हें संवेदनशीलता के आधार पर जिलों में वितरित करने के साथ ऑपरेटिंग का प्रशिक्षण भी दिलाएंगे।
दंगाइयों पर काबू पाने का रामबाण इलाज साबित होगा
पुलिस को दंगे या अन्य आपराधिक घटनाओं पर अंकुश के लिए परंपरागत उपायों के साथ ही अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लेना जरूरी हो चुका है। इसके लिए ड्रोन बेहद कारगर साबित हो सकते हैं। इसकी मदद से भीड़ में छिपे बदमाशों की पहचान बहुत आसान हो जाएगी। इतना ही नहीं रात में भी उनके चेहरे पहचाने जा सकेंगे।
ड्रोन की सहायता से 300 मीटर तक आंसू गैस छोड़ी जा सकेगी
खास बात यह है कि ड्रोन की सहायता से 300 मीटर तक आंसू गैस छोड़ी जा सकेगी। इसमें पूरी घटना रिकॉर्ड होंगी और कई मीटर दूर से इसे संचालित किया जा सकेगा।

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