February 19, 2026

नेपाल के पूर्व पीएम केपी ओली के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, पासपोर्ट जब्त, काठमांडू छोडऩे पर रोक

काठमांडू। नेपाल की राजनीति में इन दिनों भूचाल आ हुआ है। जेन-ज़ी के विरोध प्रदर्शनों के हिंसक दमन की जांच कर रहे न्यायिक आयोग ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली सहित पांच शीर्ष अधिकारियों के पासपोर्ट ज़ब्त करने की सिफारिश की है। आयोग ने साथ ही इन नेताओं पर काठमांडू से बाहर जाने पर भी रोक लगा दी है। हिंसा और आगजनी के बाद वायरल हुए वीडियो में कुछ नेताओं के घर में नोटों के बंडल जलते और बिखरते हुए दिखाई दिए थे। इसकी भी जांच की जा रही है।

आयोग के सदस्य बिग्यान राज शर्मा के मुताबिक जिन पर कार्रवाई की सिफारिश की गई है, उनमें ओली मंत्रिमंडल के तत्कालीन गृह मंत्री रमेश लेखक, गृह सचिव गोकर्ण मणि दुवादी, राष्ट्रीय जांच विभाग प्रमुख हुतराज थापा और काठमांडू के तत्कालीन मुख्य जिला अधिकारी छबी रिजाल शामिल हैं। आयोग अध्यक्ष गौरी बहादुर कार्की ने कहा कि जवाबदेही सुनिश्चित करने और जांच को प्रभावी बनाने के लिए यह कदम जरूरी है। उन्होंने कहा कि जरूरत पडऩे पर गृह मंत्रालय से अतिरिक्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया जाएगा। यह कार्रवाई अंतरिम सरकार के उस वादे का हिस्सा है, जिसमें 8 सितंबर को 19 युवा प्रदर्शनकारियों की मौत और उसके बाद हुई हिंसा की जांच का आश्वासन दिया गया था। आयोग का यह फैसला अब तक की सबसे कड़ी सिफारिशों में गिना जा रहा है। जेन-ज़ी आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई से जनता का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। व्यापक गिरफ्तारियां, मारपीट और छात्र कार्यकर्ताओं के लापता होने की घटनाओं ने हालात और तनावपूर्ण बना दिया। हिंसा पीडि़तों के परिवार और मानवाधिकार संगठन न केवल सच और मुआवजे की मांग कर रहे हैं, बल्कि इस दमन की जिम्मेदारी तय कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।

नोटों के बंडल जलते वीडियो

मनी लॉन्ड्रिंग जांच विभाग ने पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा, पुष्पकमल दहल प्रचंड और पूर्व ऊर्जा मंत्री दीपक खडक़ा के खिलाफ जांच शुरु कर दी है। यह जांच उन वीडियो फुटेज को आधार बनाकर की जा रही है, जिनमें हिंसा व आगजनी के दौरान इनके घर में नोटों के बंडल जलते और बिखरते दिखे थे। इन वीडियोज में विभिन्न देशों की मुद्राएं जलती हुई नजर आईं थीं। इसे भ्रष्टाचार से जोडक़र देखा गया है, जिस पर अब जांच की जा रही है।
जहां तक ओली के पासपोर्ट जब्त की सिफारिश का सवाल है तो बता दें कि आयोग की सिफारिश ऐसे समय आई है, जब ओली ने हाल ही में उन रिपोर्टों पर नाराजग़ी जताई थी, जिनमें कहा गया था कि उनके और अन्य अधिकारियों के पासपोर्ट जब्त किए जा सकते हैं। अब इस कदम ने नेपाल की सियासत को और गरमा दिया है।