भोपाल। राजधानी के रवीन्द्र भवन सभागार मेंं सोमवार को मप्र साहित्य अकादमी वार्षिक अलंकरण समारोह हुआ। अलंकरण समारोह में अभिनेता एवं लेखक संजय मेहता, कमेंटटेटर सुशील दोषी सहित साहित्य की अलग-अलग विधाओं से जुड़े 81 रचनाकारों को सम्मानित किया गया।
अलंकरण समारेाह में अभिनेता और लेखक संजय मेहता को नाटक के क्षेत्र में हरिकृष्ण सरे पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अलावा आत्मकथा ‘आंखों देखा हाल के लिए इंदौर के मशहूर रेडियो कमेंटटेटर पद्मश्री अवॉर्डी सुशील दोषी को विष्णु प्रभाकर पुरस्कार, पंकज शर्मा को गजानन माधव मुक्तिबोध पुरस्कार, लेखक पंकज शर्मा को उनके कहानी संग्रह खिड़कियां किताब के लिए गजानन माधव मुक्तिबोध पुरस्कार और
स्वामी मुस्कुरा नाम से प्रसिद्ध उज्जैन के रचनाकार शैलेंद्र व्यास को व्यंग्य रचना के लिए शरद जोशी पुरस्कार प्रदान किया गया। श्री व्यास को 51 हजार रुपए, अभिनंदन पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान किया गया।
अलंकरण समारोह में मप्र साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. विकास दवे ने कहा कि पूरे देश भर में साहित्यिक अकादमी पुरस्कार तो होते हैं लेकिन मध्य प्रदेश एक ऐसा प्रदेश है, जहां पर सबसे ज्यादा पुरस्कार साहित्यकारों को दिए जाते हैं। इस बार मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी ने क्षेत्रीय भाषाओं पर जोर देते हुए छह अलग-अलग बोलियों के लेखकों और साहित्यकारों को भी पुरस्कार प्रदान किये गये हैं।
अखिल भारतीय से लेकर बोली-भाषा पुरस्कार तक
समारोह में वर्ष 2022 और 2023 के अखिल भारतीय पुरस्कारों के तहत कथा, कविता, उपन्यास, आलोचना, संस्मरण, यात्रा-वृत्तांत, अनुवाद, गीत-नाटक और समालोचना जैसी विधाओं के रचनाकारों को सम्मानित किया जाएगा। इसी प्रकार प्रादेशिक पुरस्कार मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों के चयनित साहित्यकारों को दिए जाएंगे।

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