भोपाल
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, डिजिटल फुटप्रिंट, बैंकिंग ट्रांजेक्शन एवं साइबर विश्लेषण के आधार पर विगत 7 दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में साइबर ठगी के मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ पीड़ितों की ठगी गई राशि वापस कराने में भी महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की गई है। बैतूल, छिंदवाड़ा, इंदौर, खंडवा एवं कटनी पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि देवास पुलिस द्वारा 54 लाख रुपए से अधिक की राशि पीड़ितों के खातों में वापस कराई गई।
बैतूल
थाना कोतवाली पुलिस ने ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब एवं होटल रेटिंग के नाम पर 2 लाख 25 हजार रुपए की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी ने पहले छोटी-छोटी रकम निवेश करवाकर पीड़िता का विश्वास जीता और बाद में बड़ी रकम निवेश कराने के नाम पर कुल 2 लाख 25 हजार रुपए की ठगी की। तकनीकी साक्ष्यों एवं साइबर सेल की सहायता से आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी द्वारा अपना बैंक खाता 20 हजार रुपए के लालच में साइबर ठगी के लिए उपलब्ध कराना स्वीकार किया गया। आरोपी के कब्जे से रियलमी मोबाइल फोन एवं 1 हजार रुपए नगद जप्त किए गए।
छिंदवाड़ा
थाना कुण्डीपुरा पुलिस ने रॉयल एनफील्ड डीलरशिप दिलाने के नाम पर लगभग 77 लाख 25 हजार रुपए की साइबर ठगी करने वाले बिहार के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस टीम ने बिहार में लगातार 8 दिनों तक एसी एवं गीजर मैकेनिक बनकर घर-घर जाकर गोपनीय रैकी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों द्वारा ठगी की राशि से बनाई गई संपत्ति की जानकारी जुटाकर कुर्की की कार्रवाई की जा रही है।
इंदौर
थाना राऊ पुलिस ने पेटीएम लोन दिलाने एवं प्रोसेस कराने के नाम पर 1 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर ठगी की 1 लाख रुपए की राशि बरामद की।
खंडवा
थाना कोतवाली पुलिस ने शेयर मार्केट में निवेश कर लाभ दिलाने के नाम पर 21 लाख 63 हजार 970 रुपए की ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के तीन आरोपियों को राजस्थान से गिरफ्तार किया तथा आरोपियों के कब्जे से 2 लाख 55 हजार 200 रुपए नगद जप्त किए गए।
कटनी
थाना कुठला पुलिस ने तकनीकी जांच एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर लाख 88 हजार रुपए की साइबर ठगी से जुड़े अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
देवास
पुलिस ने साइबर फ्रॉड के मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र 13 दिवस के भीतर साइबर फ्रॉड में गई 90 हजार रुपए की राशि वापस कराई।
वहीं एकअन्य कार्यवाही में 53 लाख रुपए की धनराशि तथा 32 हजार 794 रुपए की राशि पीड़ितों के खातों में वापस कराई।
इस प्रकार तीनों प्रकरणों में पुलिस ने 54 लाख 22 हजार रुपए से अधिक की राशि पीड़ितों को वापस दिलाने में प्रभावी भूमिका निभाई।
सीहोर
थाना कोतवाली साइबर हेल्प डेस्क ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर फ्रॉड की लगभग 40 हजार रुपए की संपूर्ण राशि वापस कराई। पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात लिंक पर क्लिक करने के बाद उनका मोबाइल हैक हो गया और क्रेडिट कार्ड से लगभग 40 हजार रुपए की राशि कट गई। साइबर हेल्प डेस्क द्वारा तत्काल तकनीकी कार्रवाई कर Amazon Pay से भुगतान कैंसिल कराकर संपूर्ण राशि पीड़ित के खाते में वापस कराई गई।
मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब, शेयर मार्केट में निवेश, लोन, डीलरशिप, होटल रेटिंग, टास्क अथवा अधिक लाभ का प्रलोभन देने वाले अनजान व्यक्तियों एवं सोशल मीडिया अकाउंट से सावधान रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाता, ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम अथवा अन्य बैंकिंग जानकारी साझा न करें और संदेह होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

More Stories
कुटीर एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की ग्लोबल मार्केटिंग के करेंगे समस्त प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल–विदिशा मार्ग 1,758 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा 4-लेन
लहरों पर दिखेगा रोमांच, अपर लेक पर कल से ‘राजा भोज नेशनल सेलिंग चैम्पियनशिप’ का आगाज