नई दिल्ली
ऑस्ट्रेलिया की टीम पहली पारी के आधार पर भारत के खिलाफ बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच में आगे थी, लेकिन दूसरी पारी में भारत ने दमदार गेंदबाजी कर खुद को मैच में जीवित रखा है। इसका पूरा श्रेय जसप्रीत बुमराह को जाता है। जसप्रीत बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया के मिडिल ऑर्डर की हालत खस्ता कर दी। यहां तक कि साल 1973 के बाद पहली बार ऐसा था, जब उनके नंबर 4 से नंबर 7 के बल्लेबाज कुल 20 रन भी नहीं बना पाए। 51 साल के बाद पहली बार ऑस्ट्रेलिया का इतना हाल बेहाल हुआ है।
मेलबर्न के एमसीजी में जारी बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने 16 रनों के भीतर नंबर 4 से नंबर 7 तक के बल्लेबाज को आउट कर दिया। इससे पहले अपने घर पर ऑस्ट्रेलिया की टीम ने इन बल्लेबाजों को 16 या इससे कम रन पर साल 1973 में खोया था। 51 साल पहले सिडनी क्रिकेट ग्राउंड यानी एससीजी में जनवरी 1973 में पाकिस्तान के खिलाफ 15 रन मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाजों ने बनाए थे। इस तरह इस मैच की दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया की हालत खराब हो गई।
ऑस्ट्रेलिया को दूसरी पारी में तीसरा झटका 80 पर लगा था, जब स्टीव स्मिथ को मोहम्मद सिराज ने आउट किया। इसके बाद चौथा झटका ऑस्ट्रेलिया को ट्रैविस हेड के रूप में लगा, जो जसप्रीत बुमराह का शिकार बने। इसी ओवर की आखिरी गेंद पर मिचेल मार्श को जसप्रीत बुमराह ने 85 के कुल स्कोर पर पवेलियन भेजा। एलेक्स कैरी महज को 91 रन के कुल स्कोर पर जसप्रीत बुमराह ने बोल्ड किया। इस तरह नंबर 4 से लेकर नंबर 7 तक के बल्लेबाज 16 से कम रन पर आउट हो गए। बुमराह ने इसी दौरान 200 विकेट टेस्ट क्रिकेट में पूरे किए। वे सबसे कम मैचों में 200 टेस्ट विकेट निकालने वाले भारत के पहले तेज गेंदबाज बन गए।

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