नई दिल्ली
आईएसआईएस स्थानीय आतंकी मॉड्यूल स्थापित करके पूरे भारत में अपना पैर फैलाने की कोशिश कर रहा है। एनआईए आतंकी मॉड्यूल को नष्ट करने और आईएसआईएस के नापाक मंसूबों को विफल करने के लिए व्यापक जांच कर रही है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक, एक बार फिर से आईएसकेपी (आईएस खुरासान) मॉड्यूल को भारत में सक्रिय करने की लगातार साजिश रची जा रही है। अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर कट्टरपंथियों का नया समूह तैयार किया गया है। साथ ही ऑनलाइन तरीके से भारतीय युवाओं से संपर्क साधा जा रहा है। अलग-अलग इलाकों में ब्रेन वाश करके युवाओं को आतंक की राह में धकेलने की कोशिश चल रही है। युवा डॉक्टर-इंजीनियर इनके निशाने पर हैं।
एनआईए की जांच में महाराष्ट्र, पुणे और केरल में इस मॉड्यूल के सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है। एजेंसियों को पता चला है कि पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा से इंक्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्लीकेशन के जरिए संवाद स्थापित हो रहा है। भारतीय एजेंसियों को शक है कि आईएसकेपी को मजबूत करने के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भी साथ दे रही है।
पिछले कुछ महीनों में आईएसआईएस की विचारधारा से प्रभावित गिरफ्तार लोगों की पूछताछ में देशविरोधी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। सूत्रों ने बताया कि इस साजिश का केन्द्र बिंदु अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा है, जहां से आईएसआईएस का नया मॉड्यूल पनप रहा है। इस मॉड्यूल ने भारत में केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक और यूपी के युवाओं को अपना निशाना बनाया है।
अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के गठन के बाद आईएसआईएस खुरासान विचारधारा से प्रभावित ये मॉड्यूल ज्यादा सक्रिय हुआ है। ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन का सिलसिला भी बढ़ा है। एनआईए ऑपरेशन चक्रव्यूह के जरिए इनकी साजिश को विफल करने में जुटी है। सूत्रों ने कहा, पिछले 6 महीनों में आईएसआईएस विचारधारा से प्रभावित दो आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। दोनों की पहचान फैजान अंसारी (अलीगढ़) डॉक्टर अदनानाली (पुणे) के रूप में हुई है।
इसके अलावा, महाराष्ट्र में आईएसआईएस मॉड्यूल से प्रभावित आधा दर्जन लोग गिरफ्तार हुए हैं। इन लोगों से पूछताछ के आधार पर आईएसआईएस की साजिश का खुलासा हुआ। भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश भी लगातार जारी है। आईएसआई की सांठगांठ से कई स्तरों पर कश्मीर से लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में साजिश का जाल बिछाया जा रहा है। एनआईए ने पुख्ता सूचनाओं के आधार पर अपनी जांच का दायरा व्यापक किया है।

More Stories
क्रूड ऑयल कहां और कैसे होगा इस्तेमाल? प्राथमिकता तय कर रही भारत सरकार, ईरान जंग का असर
बंगाल SIR पर ममता बनर्जी का बड़ा आरोप: जिंदा वोटर्स को बताया गया मृत
ओडिशा में CISF का 57वां स्थापना दिवस: गृह मंत्री अमित शाह ने समारोह में की शिरकत