इंदौर
खाद्य पदार्थों की जांच के लिए इंदौर को अब भोपाल के भरोसे नहीं रहना होगा. देवास नाका इलाके में प्रदेश की दूसरी और शहर की पहली फूड लैब बनकर तैयार हो गई है, जिसकी सौगात दीपावली से पहले मिल जाएगी.
दरअसल, देवास नाका इलाके के तलावली चांदा में लंबे समय से आधुनिक लैब निर्माण का काम चल रहा था जो अब अंतिम दौर में है. प्रोजेक्ट से जुड़े अफसरों के मुताबिक अब अगले डेढ़-दो माह में दीपावली से पहले करीब साढ़े 5 करोड़ से ज्यादा की लागत से शहर की पहली नई आधुनिक फूडलैब बनकर तैयार हो रही है, जिसका काम वैसे तो लंबे समय से चल रहा था, लेकिन अब जल्द इसका काम पूरा होने वाला है.
रिपोर्ट में लग जाते थे महीनों
अभी इंदौर सहित प्रदेशभर के खाद्य सुरक्षा विभाग को भोपाल की एक मात्र स्टेट लैब के भरोसे रहना पड़ता है. किसी भी प्रकार की जांच वहा जाना पड़ता है. जहां कम से कम 14 से 15 दिन की समय सीमा की बाध्यता के बावजूद एक से डेढ़ माह तक जांच रिपोर्ट के लिए इंतजार करना पड़ता है. इसके बाद भी कभी समय पर रिपोर्ट नहीं मिलती है. रिपोर्ट में देरी का सबसे बड़ा कारण यह है कि इंदौर और भोपाल के अलावा ग्वालियर, सागर, देवास, उज्जैन, जबलपुर सहित अन्य शहरों के खाद्य पदार्थो की जांच भी इसी एक मात्र स्टेट लैब में हो रही है.
आधुनिक मशीनों से होगी जांच
तलावली चांदा में आधुनिक मशीनों से लैस नई लैब में कई तरह की जांच हो सकेंगी. इस जी प्लस तीन मंजिला बिल्डिंग में एक मंजिल पर खाद्य पदार्थों की जांच हो सकेंगी, जबकि दूसरी मंजिल पर खाद्य विभाग के अफसरों और कर्मचारियों की बैठक व्यवस्था के लिए नया ऑफिस बन रहा है. यहां पानी के नमूनों की आधुनिक मशीनों से सात अलग-अलग तरह की जांच भी हो सकेंगी.

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