इंदौर। इंदौर प्रेस क्लब के रविवार, 14 सितंबर को हुए चुनाव में मां सरस्वती समूह ने एक बार फिर शानदार जीत दर्ज की। कुल 799 पत्रकारों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। देर रात चुनाव अधिकारी रितेश ईनानी ने नतीजों की घोषणा की, जिसके अनुसार दीपक कर्दम को क्लब का नया अध्यक्ष और प्रदीप जोशी को महासचिव निर्वाचित घोषित किया गया। अध्यक्ष पद पर कड़ा त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला। इसमें दीपक कर्दम ने 321 मतों के साथ जीत हासिल की, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी अंकुर जायसवाल को 258 मत मिले और हेमंत शर्मा 208 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। महासचिव, कोषाध्यक्ष और सचिव जैसे अहम पदों पर प्रत्याशियों ने एकतरफा जीत हासिल की।
चुनाव परिणामों के अनुसार, दीपक कर्दम ने अध्यक्ष पद जीता, जबकि प्रियंका पांडे और संजय त्रिपाठी उपाध्यक्ष चुने गए। प्रदीप जोशी महासचिव, अभिषेक चेंडके सचिव और मुकेश तिवारी कोषाध्यक्ष बने। महिला प्रतिनिधि का पद पूनम शर्मा को मिला। कार्यकारिणी सदस्यों के रूप में अभय तिवारी, मनीष मक्खर, अंशुल मुकाती, प्रमोद दीक्षित, श्याम कामले और विजय भट्ट ने जीत हासिल की। विजय भट्ट मां सरस्वती समूह से बाहर एकमात्र विजयी प्रत्याशी रहे। सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक शांतिपूर्ण माहौल में मतदान संपन्न हुआ, जिसके बाद देर रात तक मतगणना चली, चुनाव परिणाम आते ही मां सरस्वती समूह के विजयी उम्मीदवारों और उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
इंदौर प्रेस क्लब का इतिहास और उसके अध्यक्षों का सफर
हिंदी पत्रकारिता की राजधानी माने जाने वाले इंदौर का प्रेस क्लब अपने समृद्ध इतिहास के लिए जाना जाता है। 1957 में 30 पत्रकारों की परिकल्पना से शुरू होकर 9 अप्रैल 1961 को इसका औपचारिक उद्घाटन हुआ। क्लब ने हमेशा पत्रकारों के व्यावसायिक और सामाजिक जीवन को बेहतर बनाने के लिए काम किया है। क्लब ने अपना पहला कार्यालय जूना राजवाड़ा में सूचना विभाग के एक कमरे में शुरू किया। 1965 में नगर निगम ने स्टेडियम में एक कमरा 11 रुपये मासिक किराए पर दिया। 1968 में यह एम.टी.एच. कंपाउंड के वर्तमान भवन में आया, जिसे 1971 में मात्र एक रुपये वार्षिक की लीज पर आवंटित किया गया।
क्लब की यात्रा में कई दूरदर्शी अध्यक्षों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिन्होंने समय-समय पर क्लब को नई दिशा दी। 1 जुलाई 1962 को पहले चुनाव में राहुल बारपुते संस्थापक अध्यक्ष बने और 11 साल तक नेतृत्व किया। उनके बाद दिनेश अवस्थी (1968), राजेन्द्र माथुर (1974-78), माणिकचंद वाजपेयी मामाजी (1978-80), कृष्णकुमार अष्ठाना (1981-83), गोकुल शर्मा (1984-86), महेश जोशी (1986-87), विद्याधर शुक्ला (1987-89), जयकृष्ण गौड़ (1989-91), शशीन्द्र जलधारी (1991-93), ओमी खंडेलवाल (1993-2002), जीवन साहू (2002-03), सतीश जोशी (2003-05), विकास मिश्र (2005-06), प्रवीण खारीवाल (2007-16) और अरविंद तिवारी (2016-25) जैसे दिग्गजों ने इस पद को संभाला। अब सितम्बर 2025 में यह कमान दीपक कर्दम के हाथों में आ गई है।
सामाजिक सेवा की मिसाल
क्लब ने राष्ट्रीय संकटों के समय समाज सेवा की मिसाल भी पेश की है। 1962 में चीनी आक्रमण और 1977 में आंध्र के समुद्री तूफान के दौरान इसने पीड़ितों के लिए धन और सामग्री जुटाई। 2008 में 50 लाख रुपये की लागत से बने नए भवन ने इसे एक आधुनिक केंद्र में बदल दिया है, जो आज भी पत्रकारों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों, खेल प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक आयोजनों का प्रमुख स्थल है। पत्रकार कल्याण कोष के माध्यम से जरूरतमंद पत्रकारों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है।

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