नई दिल्ली
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार ने कहा है कि भारत ने विश्व को महामारी से बचाने और इसकी रोकथाम पर जोर दिया है।
डॉ. पवार ने गुजरात के गांधीनगर में जी-20 देशों के स्वास्थ्य उप मंत्रियों की बैठक से पहले प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत की जी- 20 अध्यक्षता वसुधैव कुटुंबकम – दुनिया एक परिवार है – के दर्शन पर आधारित है। यह वैश्विक स्वास्थ्य के क्षेत्र के लिए अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि महामारी ने सिखाया है कि जब तक हर कोई सुरक्षित नहीं है तब तक कोई भी सुरक्षित नहीं है।
उन्होंने कहा कि भारतीय जी-20 अध्यक्षता ने वन हेल्थ – के महत्वपूर्ण खतरों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है जो माइक्रोबियल प्रतिरोध और जलवायु परिवर्तन के रूप में सामने हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत एक वैश्विक चिकित्सा समुदाय की परिकल्पना करता है जो दुनिया भर में अनुसंधान एवं विकास और विनिर्माण तंत्र की स्थापना होगी। इससे दुनिया भर में सबसे कमजोर लोगों के लिए, विशेष रूप से वैश्विक दक्षिण में उन लोगों के लिए गुणवत्ता और किफायती टीके, चिकित्सीय तथा निदान तक पहुंच को सक्षम करेगा। डा. पवार ने भारत की जी-20 अध्यक्षता ने स्वास्थ्य आपात स्थिति रोकथाम तैयारी और प्रतिक्रिया क्षेत्र में प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अवसर पर नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल भी उपस्थित थे।

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