नई दिल्ली
भारतीय वायुसेना (IAF) के तुर्की और सीरिया (Turkey and Syria) में राहत बचाव कार्य के लिए रवाना होने से पहले दावा किया गया कि पाकिस्तान ने अपने हवाई क्षेत्र के प्रयोग से रोक दिया है। लेकिन सच कुछ और ही है। भारतीय वायुसेना ने मीडिया में चल रही इस तरह की खबरों से इनकार करते हुए इसके लिए एक बड़ी वजह बताई है। तुर्की जाने के लिए भारतीय वायुसेना पाकिस्तान के एयर स्पेस का इस्तेमाल क्यों नहीं करेगी, इसको लेकर भारतीय वायु सेना के अधिकारियों स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि आईएएफ के विमान तुर्की और सीरिया जाते समय पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में उड़ान नहीं भर रहे हैं, इसका कारण वायुसेना की मानक संचालन प्रक्रिया है। जिसके अनुसार सैन्य विमानों के पाकिस्तान के ऊपर से उड़ान भरने से परहेज किया जाता है। अधिकारियों ने कहा, "हमारे विमान पाकिस्तान के ऊपर से उड़ान नहीं भरते क्योंकि यह हमारी मानक संचालन प्रक्रिया है। हमारे विमान यूरोप या पश्चिम एशिया की ओर जाते समय पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र से बचने के लिए गुजरात की तरफ से उड़ान भरते हुए लंबा रास्ता तय करते हैं"।
दरअसल, तुर्की जाते वक्त आईएएफ के विमानों के पाकिस्तान के ऊपर से ना उड़ने को लेकर कई अटकलें लगाई गईं। मीडिया में ऐसे भी खबरें आईं जिनमें यहां तक कहा गया कि पाकिस्तान ने भारतीय वायुसेना के विमानों को तुर्की और सीरिया में राहत बचाव कार्य के लिए अपने हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल से रोक दिया है।
भूकंपों के कारण तुर्की और सीरिया (Earthquake in Turkey and Syria) में भारी नुकसान हुआ है। अब तक करीब 6500 लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में भारतीय वायुसेना वहां राहत बचाव कार्यक्रम में शामिल हो रही है। भारतीय राहत सामग्री और कर्मियों का पहला जत्था 7 फरवरी को एक भारतीय वायु सेना (IAF) C-17 ग्लोबमेटर परिवहन विमान में तुर्की पहुंचा। जबकि भूकंप के लिए मानवीय और आपदा राहत (HADR) के लिए भेजा गया दूसरा C-17 विमान तुर्की और सीरिया के रास्ते में है। भारतीय सेना 99 मेडिकल टीमों के साथ 30 बिस्तरों वाला एक फील्ड अस्पताल तैयार कर रही है।

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