तेल अवीव
एंटनी ब्लिंकन ने फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास से भी मुलाकात की। अब्बास ने गाजा में हो रहे नरसंहार की निंदा की। बता दें कि गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक अब तक इजरायली हमले में 9770 लो मारे गए हैं। इनमें से ज्यादातर आम नागरिक हैं। वहीं गाजा में तीसरी बार इंटरनेट सेवा बंद हो गई। अमेरिका ने एक तरफ सीजफायर की वकालत की तो दूसरी तरफ हमास को कुचलने का समर्थन भी किया। बता दें कि सात अक्टूबर को हमास ने इजरायल पर हमला करके कम से कम 1400 लोगों की हत्या कर दी थी। इसके अलावा 340 लोगों को बंधक बना लिया गया था।
बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, हम अपने दुश्मनों और मित्रों दोनों से कहना चाहते हैं कि हमास का पूरी तरह खात्मा किया जाएगा। जब तक हमारी जीत नहीं हो जाती यह युद्ध जारी रहेगा। इसके अलावा कोई विकल्प भी नहीं है। इजरायल की सेना ने फुटेज जारी किया है जिसमें दिखाया गया है कि सेना गाजा के घरों पर भी हमला कर रही है। गाजा के रहने वाले एक शख्स ने कहा, यह स्ट्राइक भूकंप की तरह है। बड़ी-बड़ी इमारतें मलबे में तब्दील हो गई हैं।
इजरायल ने कई बार फिलिस्तीनी नागरिकों से उत्तरी गाजा छोड़कर दक्षिणी गाजा में जाने को कहा है हालांकि बहुत सारे लोग शिफ्ट होने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि इजरायल साउथ गाजा में भी हमले कर रहा है ऐसे में वहां भी सुरक्षित रहना मुमकिन नहीं है। वहीं अमेरिका के अधिकारियों का कहना है कि उत्तरी गाजा में अभी करीब 350000 लोग रह रहे हैं। गाजा का हाल यह है कि लोगों को यह नहीं पता कि अगले दिन वे अपने बच्चों का पेट भर भी पाएंगे या नहीं। ब्लिंकन ने फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास से गाजा को अपने नियंत्रण में लेने की बात कही थी। फिलहाल वेस्ट बैंक के कुछ इलाकों में ही उनका नियंत्रण है। अब्बास ने कहा कि गाजा में पीए की वापसी तभी हो सकती है जब इजरायल और फिलिस्तीन की बीच कोई राजनीतिक समाधान हो।

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