नई दिल्ली
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने कर्मचारियों के पीएफ खाते को लेकर नया नियम लागू किया है। यह बदलाव सभी पीएफ अकाउंट होल्डर्स के लिए है। EPFO ने खाते में डिटेल्स को करेक्शन करने और अपडेट करने के लिए नए नियम पेस किए हैं।
ईपीएफओ ने नाम, जन्म तिथि को सही करने के लिए गाइडलाइन जारी किया है, जिसके तहत कर्मचारियों के प्रोफाइट को अपडेट करने के लिए SOP वर्जन 3.9 को मंजूर किया गया है। नए नियम के बाद यूएएन प्रोफाइनल में अपडेट के लिए डॉक्यूमेंट्स देने होंगे। वहीं, डिक्लेयरेशन देकर अप्लाई कर सकते हैं।
EPFO के अनुसार, कई गलतियों को सुधारने में बड़ी कठिनाइयां होती है। डेटा अपडेट नहीं होने के कारण ऐसा होता है। इस लिए गाइडलाइन पेश की गई है। नए निर्देश के तहत EPFO ने प्रोफाइल में होने वाले बदलावों को मेजर और माइनर कैटेगरी में डिवाइड किया है। माइनर बदलावों में कम से कम दो दस्तेवाज देने होंगे। वहीं बड़े सुधार के लिए कम से कम तीन डॉक्टूमेंट्स सबमिट करने होंगे।
ईपीएफ मेंबर्स के पास ई-सर्विस पोर्टल के जरिए सुधार के लिए संयुक्त डिक्लेयरेशन पेश करने का ऑप्शन है। सुधार सिर्फ नियोक्या की ओर से मैनेज किए जा रहे खाते से संबंधित डेटा में किए जा सकते हैं।
कंपनियां पिछले या अन्य संस्थान के ईपीएफ अकाउंट में बदलाव नहीं कर सकती है। वहीं, अब ईपीएफ दावों की प्रकिया आसान हो गई है। अगर केवाईसी में बैंक दर्ज है तो ऑनलाइन दावे के साथ बैंक पासबुक और चेक अपलोड करने की जरूरत नहीं है।

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