रायपुर
छत्तीसगढ़ के आबकारी विभाग में लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक रायपुर आबकारी कार्यालय में पदस्थ एडीओ जेबा खान और एडीओ हरिशंकर पैकरा लगभग तीन वर्षों से एक ही जगह पर कार्यरत हैं। इसे लेकर विभागीय गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जानकारों का कहना है कि शासन समय-समय पर तबादला नीति लागू करता है, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और किसी अधिकारी का लंबे समय तक एक ही स्थान पर प्रभाव न बढ़े। हालांकि आबकारी विभाग में कुछ अधिकारियों पर यह नीति प्रभावी होती नजर नहीं आ रही है।
सूत्रों के अनुसार विभाग में यह चर्चा भी है कि संबंधित अधिकारी खुद को काफी प्रभावशाली बताते हैं और दावा करते हैं कि सरकार किसी की भी आए या जाए, उनसे कोई फर्क नहीं पड़ता। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विभागीय चर्चाओं में यह मुद्दा लगातार बना हुआ है। बताया जा रहा है कि इन अधिकारियों का प्रभाव पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के दौरान भी काफी मजबूत माना जाता था।
लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों को लेकर विभागीय कर्मचारियों और आम लोगों के बीच भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर तबादला नीति का पालन कब होगा। प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि सुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए समय-समय पर अधिकारियों का स्थानांतरण आवश्यक होता है।
इस मामले में आबकारी कमिश्नर एल्मा और एडिशनल कमिश्नर साहू से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। वहीं संबंधित अधिकारियों ने भी कॉल रिसीव नहीं किया। अब देखना होगा कि शासन और वरिष्ठ अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या लंबे समय से जमे अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं।

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