दुर्ग.
स्कूलों में पढ़ाई कर रहे दिव्यांग बच्चों को सुविधा मुहैया कराने समय- समय आंकलन शिविर लगाया जाता है। इसी कड़ी में विकासखण्ड दुर्ग शहर तथा धमधा द्वारा संयुक्त रूप से दिव्यांग बच्चों का आकलन शिविर यूआरसीसी कार्यालय दुर्ग में लगाया गया।
जिला परियोजना समन्वयक विनोद कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में लगी शिविर में 0 से 18 वर्ष के कुल 104 दिव्यांग बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई। इसमें से तत्काल 11 बच्चों का यूडीआईडी कार्ड (पहचान पत्र ) बनाने हेतु प्रमाणीकरण किया गया। वैसे दिव्यांगता 40% होने पर ही यूडीआईडी कार्ड बनता है। वहीं दिव्यांगता की श्रेणी में कुल 21 अलग अलग प्रकार की बाधिता को रखा गया है। निःशुल्क जांच के साथ चश्मा तथा आवश्यकतानुसार दवाई प्रदान की गई।
विकासखंड स्तरीय दिव्यांग आकलन शिविर एपीसी इंद्र कुमार रामटेके एवं यूआरसी नेम सिंह साहू के नेतृत्व में धमधा एवं दुर्ग विकासखंड के दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए लगाई गई। इसमें अस्थि बाधित, श्रवण बाधित, बौद्धिक निशक्तता, अल्प दृष्टि आदि बच्चों का आकलन किया गया। जिला अस्पताल से आए हुए विशेषज्ञ टीम में नाक, कान एवं गला विशेषज्ञ रेणु तिवारी, शिशु रोग विशेषज्ञ मोहित कुमार सोनी, अस्थि रोग विशेषज्ञ अनुरंजन टोप्पो, नेत्र सहायक अधिकारी मोहित राम पटेल तथा एलिमको कृत्रिम अंग निर्माण की टीम ने बच्चों की जांच की।

More Stories
मत्स्य पालन से समृद्ध हो रही सरगुजा की ग्रामीण अर्थव्यवस्था, खुल रहे स्वरोजगार के नए अवसर
जमीन की रजिस्ट्री में चंचल कुमारी पाल को मिली 50 प्रतिशत शुल्क की छूट, नामांतरण की परेशानी से भी राहत
महतारी वंदन योजना से बदली भारती की जिंदगी, सहायता राशि से सिलाई मशीन खरीदकर शुरू किया स्वरोजगार