नई दिल्ली
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी वैपकॉस लि. ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की योजना रद्द कर दी है। सरकार की आईपीओ के जरिये कंपनी में अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचने की योजना थी।
सरकार की आईपीओ के जरिये बिक्री पेशकश के तहत 3,25,00,000 शेयर बेचने की योजना थी।
जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली कंपनी ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास प्रस्तावित आईपीओ के लिये विवरण पुस्तिका 26 सितंबर, 2022 जमा की थी।
बाजार नियामक के पास उपलब्ध अद्यतन सूचना के अनुसार, प्रस्तावित निर्गम को 21 सितंबर, 2023 को वापस ले लिया गया। इसे वापस लेने के कारणों के बारे में जानकारी नहीं दी गयी है।
वैपकॉस जल, बिजली और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में परामर्श, इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण सेवाएं प्रदान करती है।
इसके अलावा कंपनी विदेशों में विशेष रूप से दक्षिण एशिया और पूरे अफ्रीका में बांध तथा जलाशय इंजीनियरिंग, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण के क्षेत्र में सेवाएं प्रदान करती है।
वैपकॉस की परिचालन आय वित्त वर्ष 2021-22 में 11.35 प्रतिशत बढ़कर 2,798 करोड़ रुपये रही। जबकि शुद्ध लाभ इस दौरान 14.47 प्रतिशत बढ़कर 69.16 करोड़ रुपये रहा।
सरकार ने चालू वित्त वर्ष में विनिवेश से 51,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।

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