नई दिल्ली.
परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक समेत कथित अनियमितताओं को लेकर बढ़ते विवाद के बीच कोचिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (सीएफआई) ने केंद्र को कई सुझाव दिए हैं। इनमें एनटीए द्वारा परीक्षा से संबंधित कार्यों की आउटसोर्सिंग को कम करने, एक एजुकेशन टास्क फोर्स बनाने और अनियमितताओं की रिपोर्ट करने के लिए एक हेल्पलाइन स्थापित करने और प्रतियोगी परीक्षाओं को वर्ष में कम से कम दो बार और बोर्ड परीक्षा के बाद आयोजित करने के सुझाव शामिल हैं।
सीएफआई देशभर के कोचिंग संस्थानों की एक प्रमुख संस्था है। सीएफआई ने प्रश्न पत्र लीक रोकने के सुझावों की अपनी सूची में लोगों द्वारा किए गए किसी भी गलत काम के लिए कोचिग उद्योग को 'माफिया' करार देने पर भी नाराजगी जताई। इसने प्रचार के लिए प्रश्न पत्र लीक का इस्तेमाल करने और छात्रों की भावनाओं को भुनाने और राजनीति करने के लिए शिक्षण संस्थानों की भी आलोचना की। सीएफआई ने कहा, इस मुद्दे पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। नीट परीक्षा को लेकर अनिश्चितता के कारण छात्र पहले से ही तनाव में हैं। हमें उनकी मानसिक स्थिति को समझने की जरूरत है। किसी लाभ के लिए छात्रों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। इस मामले पर कि क्या नीट को फिर से आयोजित किया जाना चाहिए, यह विचाराधीन है और सुप्रीम कोर्ट जो भी फैसला करता है। सभी को उसका पालन करना चाहिए। फैसला आसान नहीं होने वाला है।

More Stories
पश्चिम बंगाल का बदलेगा नाम? BJP अध्यक्ष ने बताया नया नाम, विधानसभा में जल्द आएगा बिल
बैलेट पेपर पर भी हारी कांग्रेस, सिर्फ 2 सीटों पर जीत; BJP ने 32 सीटों पर मारी बाजी
IAF के नए चीफ आशुतोष दीक्षित का प्रयागराज से पुराना नाता, ‘तेजस’ प्रोजेक्ट को दी थी रफ्तार