February 24, 2026

फिलीपींस राष्ट्रपति के बयान पर आग-बबूला चीन, बोला- आग से न खेलें

बीजिंग। भारत के दौरे पर आए फिलीपींस के राष्ट्रपति मार्कोस जूनियर ने ताइवान युद्ध को लेकर बड़ा ऐलान किया है। मार्कोस ने कहा कि अगर चीन और ताइवान में जंग छिड़ती है तो फिलीपींस इससे दूर नहीं रह सकता है। मार्कोस से भारतीय मीडिया ने सवाल किया कि अगर ताइवान युद्ध छिड़ता है तो क्या वह अमेरिकी सेना को अपने संसाधन और सैन्य अड्डे इस्तेमाल करने देंगे। मार्कोस ने इसका जवाब नहीं दिया लेकिन अपने देश की बेहद अहम भौगोलिक स्थितियों का जिक्र किया।

राष्ट्रपति मार्कोस जूनियर के इस बयान पर चीन आगबबूला हो गया है। मनीला में चीन के दूतावास ने इस बयान पर आपत्ति जताई है। साथ ही चीन के विदेश मंत्रालय ने एक चीनी नीति की याद भी फिलीपींस को दिलाई है। मार्कोस ने कहा कि इसके बारे में बहुत व्यवहारिक होने की जरूरत है। अगर ताइवान को लेकर चीन और अमेरिका में संघर्ष छिड़ता है तो इसका सवाल ही नहीं है कि फिलीपींस इससे बाहर रहे। इसकी वजह हमारी भौगोलिक स्थिति है। मार्कोस ने कहा कि ताइवान का काओहसिउंग इलाका फिलीपींस के लाओआग से फ्लाइट से मात्र 40 मिनट की दूरी पर है। उन्होंने कहा कि अगर आप इसके बारे में सोचते हैं कि एक पूर्ण युद्ध छिड़ता है तो हम इसमें शामिल होंगे। उन्होंने कि हम अपने क्षेत्र और हमारी संप्रभुता की रक्षा करेंगे।

उन्होंने कहा कि बहुत बड़ी तादाद में फिलीपींस के लोग ताइवान में काम करते हैं। अगर चीन हमला करता है तो यह फिलीपींस के लिए एक बहुत बड़ा मानवीय संकट होगा। बता दें ताइवान में करीब 160,000 लाख फिलीपींस के लोग काम करते हैं। मार्कोस ने कहा कि वह अपने लोगों को वहां से वापस लाने के लिए हर संसाधन का इस्तेमाल करेगा।

मार्कोस के इस बयान पर चीन का विदेश मंत्रालय भडक़ गया। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि उनका देश इस बयान का कड़ा विरोध करता है। वहीं फिलीपींस में चीनी दूतावास ने फिलीपींस की सरकार से इस पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि फिलीपींस की सरकार ने एक चीन नीति के प्रति प्रतिबद्धता जताई है जिसमें कहा गया है कि ताइवान चीन का अभिन्न अंग है। प्रवक्ता ने कहा कि अब फिलीपींस अपने शब्दों से पीछे हट रहा है जिसके गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने दावा किया कि फिलीपींस लगातार गलत और उकसाने वाले बयान दे रहा है और दोनों देशों के बीच संबंधों को नुकसान पहुंचा रहा है। चीनी प्रवक्ता ने कहा कि चीन के मुख्य मुद्दों पर फिलीपींस आग से खेलना बंद करे।