छिंदवाड़ा
टीआई उमेश गोल्हानी ने बताया कि प्रार्थिया रॉयल चौक निवासी इशरत शेख ने शिकायत की है कि उसकी शादी अब्दुल आशिफ मंसूरी से हुई थी। शादी के बाद से पति, सास व चार ननंद मायके से दहेज में पांच लाख रुपए लाने का दबाव बनाकर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना देने लगे थे। उसे घर से निकाल दिया गया था। वह बेटे के साथ किराए के मकान में रह रही है। इस दौरान पति अब्दुल आशिफ मंसूरी ने उसके साथ मारपीट कर तीन तलाक बोलकर रिश्ता तोड़ दिया है।
पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने पीड़िता के अब्दुल आशिफ मंसूरी समेत उसके परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ धारा 498 ए, 294, 34, दहेज अधिनियम की धारा 3/4 और मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकार का संरक्षण) अधिनियम की धारा 2019 की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया है।
भाजपा के प्रचार करने पर मारपीट का आरोप
पीड़िता इशरत शेख ने अपनी शिकायत में बताया कि प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से प्रभावित होकर उसने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार को अपना वोट दिया था। यह बात मेरे पति, सास व नंद को पता लगने पर वह मेरे घर आए और मारपीट करने के साथ पति ने तीन तलाक कहकर उससे रिश्ता तोड़ लिया।

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