गरियाबंद.
छत्तीसगढ़ में इन दिनों समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का दौर जारी है. ऐसे में गरियाबंद जिला सबसे बेहतरीन प्रदर्शन कर रहा है. गरियाबंद में अब तक 21351 किसानों से 234 करोड़ की धान खरीदी की जा चुकी है. वहीं धान विक्रय करने वाले 94 फीसदी किसानों ने ऑनलाइन टोकन की सुविधा का लाभ उठाया है.
गरियाबंद जिले के 90 धान खरीदी केंद्र में से 50 का बफर लिमिट महज 13 दिन की खरीदी में पार हो गया है. खरीदी लिमिट ओवर होने से भले केंद्रों को रख रखाव के लिए मशक्कत उठानी पड़ रही है, पर यह एक सुखद खबर है कि प्रदेश भर में गरियाबंद जिला खरीदी में अव्वल स्थान पर है. सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक जिले में अब तक 21351 किसानो के 28236 हेक्टेयर में 101740 मिट्रिक टन धान की खरीदी हुई है जो कुल पंजीयन के 25.43 फीसदी है. गरियाबंद के किसान अब तक 234 करोड़ के धान बेच चुके हैं. भुगतान की प्रकिया भी संतोष जनक बताई जा रही है. खरीदी को लेकर कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने कहा कि शुरू से ही हमने किसानों के सहूलियत को ध्यान में रखते हुए लगातार नोडल, खरीदी प्रभारियों की बैठक लिया गया. खरीदी में हर उस कमजोर कड़ी को हटाने की कोशिश की गई, जिससे पहले खरीदी प्रभावित हो रही थी. हमारी टीम सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना में पूरी तल्लीनता से लगी हुई है.
मिलर्स के हड़ताल खत्म, उठाव में आयेगी तेजी
अपनी मांगो को लेकर प्रदेश भर के मिलर्स हड़ताल पर थे, जिसके चलते उठाव की समस्या हो रही थी. हालांकि जिला प्रशासन ने सरकारी संग्रहण केंद्र के लिए उठाव शुरू कर दिया था. डीएमओ मार्कफेड अमित चंद्राकर ने बताया कि जिले में 59 मिलर्स हैं, जिसमें से 11 ने पंजीयन के लिए आवेदन किया है. उन्होंने कहा कि मिले निर्देश के मुताबिक जिन मिलरों ने पिछले साल के एफसीआई मिलिंग या समायोजन 80 फीसदी कर दिया है उन्हें ही नए सीजन में मिलिंग हेतु पंजीयन किया जाना है.
जानिए वर्ग वार लाभान्वित कृषकों का प्रतिशत (रकबा अनुसार):
राज्य सरकार की कृषि योजनाओं का लाभ सभी वर्ग के किसानों तक पहुंच रहा है। अब तक योजना के तहत अलग-अलग रकबे के किसानों को इस प्रकार से लाभान्वित किया गया है:
0- ढाई एकड़ से कम रकबे वाले किसान: 20 प्रतिशत कृषक
0- ढाई से पांच एकड़ तक रकबे वाले किसान: 25 प्रतिशत कृषक
0- पांच एकड़ से 10 एकड़ तक रकबे वाले किसान: 25 प्रतिशत कृषक
0- 10 एकड़ से अधिक रकबे वाले किसान: 20 प्रतिशत कृषक

More Stories
बच्चों के सुरक्षित कल के लिए धमतरी में साझा हुए पेरेंटिंग के नए मंत्र
बस्तर में सड़क विकास को मिलेगी नई गति : सांसद महेश कश्यप ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से की मुलाकात
जनजातीय विभाग की बड़ी पहल: प्रदेश में वर्ष 2027 तक नए स्वरूप में 450 आश्रम-छात्रावास बनकर होंगे तैयार