कलकत्ता
कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पश्चिम बंगाल के संदेशखली में जमीन हड़पने और महिलाओं के खिलाफ अपराध (यौन शोषण) से केस में पहली FIR दर्ज की है। इसमें 5 मुख्य आरोपियों के नाम शामिल हैं। हालांकि ये आरोपी कौन हैं, ये सामने नहीं आया है, लेकिन कहा जा रहा है कि ये प्रभावशाली लोग हैं।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने 10 अप्रैल को संदेशखाली मामले की जांच CBI को सौंप दी थी। अपने आदेश में कहा कि CBI कोर्ट की निगरानी में जांच करेगी और रिपोर्ट सौंपेगी। मामले की अगली सुनवाई 2 मई को होगी।
संदेशखाली की महिलाओं ने 8 फरवरी को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं पर यौन उत्पीड़न और जबरन जमीन कब्जाने का आरोप लगाया था। मामले में 3 आरोपी शाहजहां शेख, शिबू हाजरा और उत्तम सरदार हिरासत में हैं।
कौन है मुख्य आरोपी शाहजहां शेख
आरोपी शाहजहां शेक संदेशखाली में कहां से आया, ये कोई नहीं जानता। 2000-2001 में वो मत्स्य केंद्र में मजदूर था। वह भी सब्जी भी बेचता था। फिर ईंट-भट्ठे पर काम करने लगा। यहीं उसने मजदूरों की यूनियन बनाई। फिर सीपीएम से जुड़ा। सिंगूर और नंदीग्राम आंदोलन में वामदलों की जमीन खिसकी तो 2012 में शाहजहां तृणमूल कांग्रेस के तत्कालीन महासचिव मुकुल रॉय और उत्तर 24 परगना जिले के ताकतवर नेता ज्योतिप्रिय मलिक के सहारे पार्टी से जुड़ गया।
संदेशखाली के लोगों के मुताबिक, शाहजहां के पास सैकड़ों मछली पालन केंद्र, ईंट भट्ठे, सैकड़ों एकड़ जमीन हैं। वो 2 से 4 हजार करोड़ की संपत्ति का मालिक है।
शेख के समर्थकों ने ED की टीम पर हमला किया था
कोरोना के दौरान कथित तौर पर हुए हजारों करोड़ रुपए के राशन घोटाले में ED ने 5 जनवरी को बंगाल में 15 ठिकानों पर छापा मारा था। टीम नॉर्थ 24 परगना जिले के संदेशखाली गांव में शेख शाहजहां और शंकर अध्य के घर भी रेड डालने गई थी। इस दौरान उन पर TMC समर्थकों ने जानलेवा हमला किया था। इसमें तीन अधिकारी घायल हो गए थे।
आरोप लगाने वाली पीड़ित महिलाओं का कहना है कि शाहजहां शेख जिसे चाहे उसे अपनी हवस का शिकार बनाता था। ED की रेड के बाद वह फरार हो गया था। करीब 55 दिन बाद उसे 29 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था।
बड़े पैमाने पर महिलाओं के शोषण का आरोप
बड़े पैमाने पर आपराधिक गतिविधियों और पिछड़े वर्ग के शोषण के आरोपों के बाद सीबीआई का यह कदम आया है। एफआईआर सीबीआई द्वारा गहन जांच की शुरुआत को दर्शाती है, जिसका उद्देश्य पीड़ितों को न्याय दिलाना और रिपोर्ट किए गए अपराधों के लिए जिम्मेदार लोगों के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
ये लगे हैं आरोप
इससे पहले, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने संदेशखाली में यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने के कथित मामलों की अदालत की निगरानी में सीबीआई से जांच कराने का निर्देश दिया था। मामले में उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली की महिलाएं सत्तारूढ़ टीएमसी और उसके नेता शाहजहां शेख के खिलाफ सड़कों पर उतर आईं थी और शाहजहां और उनके सहयोगियों पर अत्याचार करने और उनकी जमीन भी हड़पने का आरोप लगाया।
महिलाओं ने शाहजहां शेख पर लगाए गंभीर आरोप
बता दें कि कई महिलाओं ने शाहजहां शेख और उसके सहयोगियों पर जबरदस्ती "जमीन हड़पने और यौन उत्पीड़न" का आरोप लगाया। बशीरहाट कोर्ट ने शाहजहां को सीबीआई की हिरासत में भेज दिया था। कोर्ट से निकलने के बाद शाहजहां को रोते हुए देखा गया था।

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