बैतूल
एमपी की 29 लोकसभा सीटों में से एक बैतूल लोस में अब सियासी समीकरण बदलने वाले हैं। पिछले दिनों यहां से बसपा प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे पर 9 अप्रैल को अशोक भलावी का अचानक हार्ट फेलियर होने से निधन हो गया था। इस घटना के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने चुनाव आयोग की रिपोर्ट के बाद निर्वाचन प्रक्रिया को स्थगित कर दिया था।
बैतूल में एससीएसटी वर्ग के मजबूत नेता थे अशोक भलावी
बसपा प्रत्याशी अशोक भलावी को बैतूल में मजबूत नेता माना जाता था। भलावी पिछले 10 सालों से दलित आंदोलन से जुड़कर काम करते रहे थे। पिछले लोकसभा चुनाव की बात करें तो अशोक भलावी तीसरे स्थान पर रहे थे। इसके साथ साथ बहुजन समाज पार्टी की सभी गतिविधियों में भी शामिल होकर एससीएसटी वर्ग की आवाज़ उठाते रहे थे। लोगों का कहना है कि अशोक भलावी के साथ उनके दूसरे पुत्र अर्जुन भी एक्टिव मोड में उनके साथ रहते थे। इसलिए पिता के स्थान पर अर्जुन को टिकट दिया जाना उचित है।
बसपा प्रत्याशी के लिए 12 से 19 अप्रैल के बीच नामांकन
नामांकन सहित मतदान को लेकर बैतूल लोकसभा में मतदान को तीसरे चरण के साथ 7 मई को कराने का निर्णय लिया गया है। यहां 12 अप्रैल से सिर्फ बसपा पार्टी के नए उम्मीदवार के नामांकन के लिए तारीख तय की गई है। जिसके बाद अब बसपा जिला अध्यक्ष द्वारा मृतक अशोक भलावी के पुत्र अर्जुन भलावी को प्रत्याशी बनाने वरिष्ठ नेताओं से चर्चा की गई है। बताया जा रहा है कि लगभग अर्जुन भलावी का नाम फाइनल है और वे सोमवार को अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं।
दरअसल, अशोक भलावी के निधन के बाद बैतूल लोस सीट से कई नेताओं ने प्रत्याशी बनने की पेशकश की थी, लेकिन संगठन द्वारा दलित मूवमेंट से जुड़े रहे अशोक भलावी के बेटे को उम्मीदवार बनाये जाने के संकेत हैं। जिसके चलते अर्जुन भलावी के नाम पर मुहर लगाने पार्टी सुप्रीमो मायावती तक से चर्चा हो गई है। सोमवार को अर्जुन भलावी पर्चा दाखिल कर देंगे, अर्जुन पेशे से ट्रांसपोर्ट के बिजनेस से जुड़े हुए हैं।

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