February 20, 2026

भारत से लौटते ही ब्रिटिश पीएम स्टार्मर ने भारतीय कंपनी पर लगाया प्रतिबंध

लंदन। भारत के दौरे से लौटते ही ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने भारतीय कंपनी पर लगा दिया प्रतिबंध लगा दिया। ब्रिटेन सरकार ने रूसी अर्थव्यवस्था को झटका देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। ब्रिटेन ने रूस की तेल खरीदने के लिए बहुत सी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया है, जिसमें भारतीय पेट्रोलियम कंपनी नायरा एनर्जी भी शामिल है। ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर के भारत से लौटने के तुरंत बाद ये एक्शन लिया गया है।

ब्रिटेन सरकार ने नायरा एनर्जी लिमिटेड पर ये रोक इसलिए लगाई है, क्योंकि साल 2024 में अरबों डॉलर मूल्य का रूसी कच्चा तेल आयात किया था। ब्रिटेन के इस कदम का लक्ष्य रूस तक पहुंचने वाले तेल राजस्व को रोकना है। रूसी तेल को बाजार से हटाने और यूक्रेन के साथ संघर्ष में पुतिन के युद्ध कोष में आने वाले राजस्व को रोकने की दिशा में ये बड़ा कदम माना जा रहा है। रूसी तेल खरीदने के लिए ब्रिटेन ने कई और कंपनियों और व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाया गया है। ब्रिटेन की ओर से लगाए गए नए प्रतिबंध में रूसी तेल कंपनियों को सीधा निशाना बनाया गया है। जिन कंपनियों पर प्रतिबंध लगा है, उनमें रोसनेफ्ट और लुकोइल शामिल हैं, जो दुनिया की सबसे बड़ी ऊर्जा कंपनियों में सम्मिलित हैं।

रोसनेफ्ट कंपनी तो वैश्विक तेल उत्पादन की अकेले ही 6 फीसदी हिस्सेदार है, जबकि रूस के ऑयल प्रोडक्शन की आधी हिस्सेदारी है। नायरा एनर्जी पर इससे पहले यूरोपीय संघ की ओर से भी प्रतिबंध लगाया जा चुका है। रूस और यूक्रेन युद्ध को चार साल बीत चुके हैं लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी ये युद्ध खत्म ही नहीं हो पा रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे लेकर कई बार सुलह-समझौते की कोशिश की है, लेकिन युद्ध विराम नहीं हो रहा है। ऐसे में वे इस युद्ध को रोकने के लिए रूस पर आर्थिक दबाव डाल रहे हैं। यूरोपीय देशों के साथ मिलकर ये रणनीति बनाई जा रही है कि रूस से ऊर्जा व्यापार किसी तरह खत्म हो, ताकि उसे युद्ध जारी रखने के लिए पैसे न मिलें। इसी मुद्दे पर अमेरिका और भारत के बीच भी तनाव बना हुआ है।