February 20, 2026

करदाताओं के लिए बड़ी राहत, आईटीआर दाखिल करने की समय सीमा बढ़ी

मुंबई। आयकर विभाग ने घोषणा की है कि ऑडिट रिपोर्ट और आयकर रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा 10 दिसंबर, 2025 तक बढ़ा दी गई है। यह उन करदाताओं के लिए बड़ी राहत है जिनके मामले ऑडिट के लिए आते हैं और जो समय सीमा को लेकर चिंतित थे। आयकर विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी दी है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने पुरानी समय सीमा 31 अक्टूबर 2025 से बढ़ाकर 10 दिसंबर, 2025 करने का फैसला किया है।

आकलन वर्ष 2025-26 के लिए, यह समय सीमा उन करदाताओं के लिए बढ़ा दी गई है जिन्हें धारा 139(1) के तहत रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य था (जिसकी समय सीमा 31 अक्टूबर, 2025 थी)। इसका मतलब है कि अब करदाता बिना किसी जुर्माने के 10 दिसंबर, 2025 तक अपना रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। पहले टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2025 थी, जिसे सीए संस्थानों और कर पेशेवरों की मांग पर बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दिया गया था। अब विभाग ने एक बार फिर इस तिथि में ढील देते हुए इसे 10 दिसंबर 2025 कर दिया है।

समय सीमा क्यों बढ़ाई?
सीबीडीटी ने करदाताओं को राहत देने के लिए यह समय सीमा बढ़ा दी है। यह फैसला उच्च न्यायालयों के दबाव और करदाताओं की कठिनाइयों को देखते हुए लिया गया है। गुजरात, पंजाब और हरियाणा, तथा हिमाचल प्रदेश के उच्च न्यायालयों ने इस मामले में अहम भूमिका निभाई थी। इन अदालतों ने सीबीडीटी को निर्देश दिया था कि टैक्स ऑडिट रिपोर्ट और आईटीआर दाखिल करने की तारीखों के बीच कम से कम एक महीने का अंतर रखा जाए।