दोहा। इजरायल ने हमास से लड़ते-लड़ते कतर पर भी हमला कर दिया है। इससे तमाम इस्लामिक देशों में हडक़ंप मच गया है। आशंका जताई जाने लगी कि इसी तरह हमले होते रहे तो एक और जंग को रोक पाना कठिन हो जाएगा। लेबनान, गाजा, सीरिया में हमलों के बाद इजरायल ने अब कतर पर भी हमला बोल दिया है। यह वही कतर है, जहां हमास के साथ उसकी मध्यस्थता वाली बैठकें चल रही थीं। लेकिन इजरायल ने जिस तरह से मंगलवार को ताबड़तोड़ हमले दोहा के अंदर घुसकर किए हैं, उसने मिडल ईस्ट के देशों में एक नई आग लगा दी है। पाकिस्तान, अल्जीरिया, सऊदी अरब, यूएई समेत कई इस्लामिक देशों ने इन हमलों की निंदा की है और इसे पूरे मिडल ईस्ट के लिए खतरनाक बताया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस हमले को गलत बताया है और कहा कि इसकी लोकेशन ठीक नहीं थी।
वहीं कतर के मीडिया के एक वर्ग ने इन लोगों के मारे जाने की बात कही है। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी का कहना है कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है। इससे कतर और उसमें रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा को एक बड़ा खतरा पैदा हुआ है। दरअसल कतर ने भले ही इजरायली हमले की निंदा की है, लेकिन उसके पास जंग में उतरने का भी विकल्प नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि वह अमेरिका पर ही हथियारों के लिए निर्भर है और लंबे समय से उसका सहयोगी है। ऐसे में अमेरिका से दुश्मनी मोल लेने से कतर भी बचना चाहेगा। लेकिन इस्लामिक मुल्कों में साख बचाए रखने के लिए निंदा भी की जा रही है।
फिर भी एक बात दिलचस्प है कि ना तो कतर ने ही इजरायल पर किसी तरह के एक्शन की बात कही है और ना ही सऊदी अरब या तुर्की जैसे किसी बड़े मुस्लिम देश का इस हमले को लेकर कोई सख्त बयान आया है। इस बीच इजरायल का कहना है कि उसने कतर पर हमले नहीं किए बल्कि हमास को टारगेट करने के मकसद से अटैक किया है। इजरायली अधिकारियों का कहना है कि हमास का गाजा चीफ खलील अल-हय्या भी इस हमले में मारा गया है। इसके अलावा कुछ और कमांडर भी ढेर हुए हैं। इधर, हमास का दावा है कि उसके कमांडर इस हमले में बच गए हैं। बता दें कि इजरायल पर 7 अक्टूबर, 2023 को जो भीषण हमला हुआ था, उसके बाद से ही यहूदी देश गाजा पर हमले कर रहा है। इजरायल की शर्त है कि हमास हथियार डाल दे, तभी जंग रुकेगी। हमास का कहना है कि हम हथियार नहीं छोड़ेंगे क्योंकि हमारी रक्षा के लिए यह जरूरी है। इजरायल ने तो यहां तक कहा था कि यदि हमास हथियार डाल दे तो आज ही जंग थम जाएगी। इस बीच अल्जीरिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का सत्र बुलाने की मांग की है ताकि इजरायली हमले पर चर्चा की जा सके।

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