February 19, 2026

अमित शाह ने कहा- सुदर्शन रेड्डी की वजह से देश में दो दशक तक चला नक्सलवाद

नई दिल्ली। आगामी 9 सिंतबर को देश के उपराष्ट्रपति का चुनाव होना है। ऐसे समय में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इंडिया गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी पर हमला किया है। उन्होंने कहा बतौर सुप्रीम कोर्ट जज श्री रेड्डी ने सलवा जुडूम को खारिज कर आदिवासियों के आत्मरक्षा के अधिकार को खत्म कर दिया था। इसी वजह से इस देश में नक्सलवाद दो दशकों से ज्यादा समय तक चला।

केंद्रीय मंत्री शाह ने एक इंटरव्यू में चर्चा में जोर देकर कहा कि सरकार ने विधेयक को जेपीसी को भेजकर एक समावेशी दृष्टिकोण अपनाया है, ताकि सभी दलों की राय सुनी जा सके। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि विपक्ष इस चर्चा में शामिल हो और अपनी राय दे। लेकिन अगर वे बहिष्कार करते हैं तो सरकार क्या करे? यह विधेयक देश के लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए है और हम इसे पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाएंगे। शाह ने यह बात उस समय कही जब विपक्ष 130वें संशोधन विधेयक को असंवैधानिक बताकर उसका विरोध कर रहा है। इस विधेयक में प्रावधान है कि यदि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या कोई मंत्री गंभीर अपराध के लिए 30 दिनों से अधिक जेल में रहता है और उसे जमानत नहीं मिलती, तो उसे अपने पद से हटना होगा। अमित शाह ने कहा कि संविधान (130वां संशोधन) विधेयक की जांच के लिए लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों की एक संयुक्त समिति गठित की जाएगी, जिसमें सभी दलों के सदस्य शामिल होंगे। इस समिति का गठन लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा सभापति करेंगे। शाह ने कहा कि यह समिति सभी पक्षों की राय सुनेगी और विधेयक पर चर्चा करेगी। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष इसमें शामिल नहीं होगा तब भी जेपीसी अपना काम करेगी।

आप का उदाहरण दिया, कहा- विपक्ष का दोहरा रवैया
अमित शाह ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी जिक्र किया, जिन्हें भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने कहा कि जेल जाने के बाद भी इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था। शाह ने विपक्ष खासकर कांग्रेस पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाया। उन्होंने यूपीए सरकार के समय का जिक्र किया, जब मनमोहन सिंह सरकार सजायाफ्ता सांसदों को बचाने के लिए एक अध्यादेश लाई थी। शाह ने कहा कि सत्येंद्र जैन (आप नेता) के मामले में उन्हें चार मामलों में जेल हुई और सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की। वे मुकदमे का सामना कर रहे हैं। लेकिन कांग्रेस ने भी ऐसा किया। जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे और लालू प्रसाद यादव को सजा हुई थी, तब यूपीए सरकार एक अध्यादेश लाई कि दो साल की सजा होने पर भी सांसद की सदस्यता तब तक रद्द नहीं होगी, जब तक अपील की प्रक्रिया पूरी न हो।