इंदौर
मध्य प्रदेश के इंदौर में भाजपा के पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय के खिलाफ लगभग 5 वर्ष पहले एमजी रोड पुलिस थाने में दर्ज मामले में विशेष न्यायालय ने सोमवार को फैसला सुना दिया है। इसमें आकाश सहित 10 लोगों को बरी कर दिया गया है।
विजयवर्गीय की ओर से सीनियर एडवोकेट अविनाश सिरपुरकर ने इसकी पुष्टि की है। यह प्रकरण प्रदेशभर में बल्लाकांड के नाम से जाना जाता है। आकाश विजयवर्गीय पर आरोप है कि गंजी कंपाउंड क्षेत्र में जर्जर मकान को जमींदोज करने की कार्रवाई के दौरान उन्होंने नगर निगम के एक अधिकारी पर बल्ला चला दिया था।
रिपोर्ट लिखवाने वाले निगम अधिकारी ही बयान से पलटे
प्रकरण की सुनवाई विशेष न्यायाधीश देवकुमार के समक्ष चल रही थी। सुनवाई के दौरान हुए बयान में विजयवर्गीय के खिलाफ रिपोर्ट लिखवाने वाले निगम अधिकारी बयान से पलट गए थे। कहा था कि उन्होंने विजयवर्गीय को बल्ला चलाते हुए नहीं देखा, बल्कि उनके हाथ में बल्ला देखकर उनके खिलाफ रिपोर्ट लिखवा दी थी। कोर्ट ने प्रकरण में सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसले के लिए नौ सितंबर की तारीख तय की थी।

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