February 27, 2026

भारत के बाद अब सबसे करीबी ईयू पर टैरिफ लगाने की धमकी दे रहे ट्रंप

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों किसी ने किसी बहाने पूरी दुनिया से बहाने पंगा ले रहे हैं। भारत के बाद अब सबसे करीबी देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दे रहे हैं। अब ट्रंप ने यूरोपीय संघ (ईयू) पर गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने गूगल पर 3.47 अरब डॉलर (लगभग 2900 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाने को गलत और अनुचित बताया है। ट्रंप ने धमकी दी कि अगर ईयू ने यह जुर्माना वापस नहीं लिया, तो वह जवाबी कार्रवाई के तौर पर टैरिफ (आयात शुल्क) लगाएंगे। जानकारो का कहना है कि ट्रंप का रवैया अमेरिका और ईयू के बीच पहले से चल रहे व्यापारिक तनाव को और बढ़ा सकता है।

ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया साइट ट्रूथ सोशल पर लिखा, यूरोप ने आज एक और शानदार अमेरिकी कंपनी गूगल पर 3.5 अरब डॉलर का जुर्माना ठोका। यह पैसा अमेरिकी निवेश और नौकरियों में जा सकता था। यह बहुत गलत है, और अमेरिकी करदाता इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे! ट्रंप का कहना है कि यह जुर्माना न केवल गूगल पर, बल्कि कई अन्य अमेरिकी कंपनियों पर भी लगाए गए जुर्मानों की कड़ी का हिस्सा है। उन्होंने उदाहरण दिया कि 2016 में ईयू ने ऐपल को आयरलैंड को 13 अरब यूरो (लगभग 1।1 लाख करोड़ रुपये) का टैक्स चुकाने का आदेश दिया था। ट्रंप का यह बयान तब दिया, जब एक दिन पहले ही उन्होंने व्हाइट हाउस में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई और सह-संस्थापक सर्जे ब्रिन सहित कई टेक दिग्गजों के साथ शानदार डिनर पार्टी आयोजित की थी। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईयू ने इन जुर्मानों को वापस नहीं लिया, तो वह जवाबी टैरिफ लगाने की प्रक्रिया शुरू करेंगे।

ईयू ने कब-कब लगाया जुर्माना

ईयू का यह गूगल पर चौथी बार बड़ा जुर्माना है।उसने इससे पहले 2017, 2018 और 2019 में भी गूगल पर अरबों यूरो के जुर्माने लगाए गए थे। गूगल ने इस फैसले के खिलाफ अपील करने का ऐलान किया है। ट्रंप का यह गुस्सा अमेरिका और ईयू के बीच पहले से चल रहे व्यापारिक तनाव को और बढ़ा सकता है। यह मामला आने वाले दिनों में और चर्चा में रहेगा, क्योंकि गूगल के पास इस फैसले को लागू करने या अपील करने के लिए 60 दिन का समय है।