खंडवा
नगरीय क्षेत्र में जीआईएस ( ज्योग्राफिकल इंफार्मेशन सिस्टम ) यानी भौगोलिक सर्वे के दौरान 10 हजार से अधिक नई संपत्तियां मिलीं हैं। नई संपत्तियां एक अप्रेल से टैक्स के दायरे में आ जाएंगी। निगम ने नौ साल बाद नई संपत्तियों को टैक्स लगाने की कार्य योजना तैयार की है।
सर्वे में मिलीं 10 हजार नई संपत्तियां
नगरीय क्षेत्र में जीआईएस ( ज्योग्राफिकल इंफार्मेशन सिस्टम ) यानी भौगोलिक सर्वे के दौरान 10 हजार से अधिक नई संपत्तियां मिलीं हैं। नई संपत्तियां एक अप्रेल से टैक्स के दायरे में आ जाएंगी। निगम ने नौ साल बाद नई संपत्तियों को टैक्स लगाने की कार्य योजना तैयार की है। जिसे एमआईसी फाइनल टच देगी। टैक्स शुरु होने से निगम की आय हर साल एक से डेढ़ करोड़ रुपए बढ़ने की उम्मीद है। निगम की डिमांड 11.50 करोड़ से बढ़कर 13 करोड़ रुपए हो जाएगी।
वर्ष 2017 के बाद 2026 में नई संपत्तियां
नगर निगम ने वर्ष 2017 के बाद नई संपत्तियों पर वर्ष 2026 में टैक्स लगाने का ब्लू प्रिंट तैयार किया है। सर्वे का कार्य 8 फरवरी-2025 को शुरु हुआ था। इस दौरान 10 हजार 887 नई संपत्तियां दर्ज की गईं हैं। निगम ने इन संपत्तियों का डिटेल सर्वे तैयार किया है। अभी 46,346 संपत्तियों टैक्स के दायरे में हैं। इन संपत्तियों से करीब 11.50 करोड़ रुपए टैक्स की डिमांड है। अब नई संपत्तियों को मिलाकर एक से डेड़ करोड़ रुपए नया टैक्स जनरेट होगा।

More Stories
रबी सीजन के लिये करें बिजली की पर्याप्त व्यवस्था : ऊर्जा मंत्री तोमर
हेलमेट एवं सीटबेल्ट के अनिवार्य उपयोग को लेकर मध्यप्रदेश पुलिस का 10 दिवसीय विशेष अभियान
साइबर जालसाजों से सावधान रहें, बिल भुगतान केवल अधिकृत माध्यमों से ही करें : ऊर्जा मंत्री तोमर