कटनी
कटनी जिले के शहरीय और ग्रामीण क्षेत्रों के अलग-अलग थाना इलाकों में लोगों की शिकायतों पर पुलिस ने 59 पशुपालकों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223, पशु क्रूरता अधिनियम 1960, मप्र नगर पालिका अधिनियम 1956 के तहत कार्यवाही की है। एसडीओपी कृष्णपाल सिंह ने बताया की विजयराघवगढ़ अनुभाग क्षेत्र के तीनों थानों में घूमते पशुओं मिलने पर कान में लगे टैग को स्कैन करते हुए उनके पालकों की जानकारी लेकर FIR दर्ज की है है।
बता दें जिले में एफआईआर की शुरुआत स्लिमानाबाद थाना क्षेत्र के छपरा के कोटवार लटोरी चक्रवर्ती ने हाइवे में घूम रहे मवेशियों को लेकर स्लिमानाबाद थाने में पहुंचकर 10 पशुपालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। जिन पशुपालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, उनमें छपरा गांव निवासी श्यामलाल, ज्योति गुप्ता, रामसेवक, जयप्रकाश विश्वकर्मा, राजू पिता किशोरी, देवरी गांव निवासी विष्णु प्रसाद, राम स्वरूप, सिहुड़ी गांव निवासी रामप्रकाश मौर्य, सलैया फाटक गांव निवासी पुन्नू लाल चौधरी, रमेश काछी का नाम शामिल है वही 36घंटे के अंदर ही बाकी थानों में 59 मामले दर्ज हो चुके है।
अपर कलेक्टर साधना परस्ते ने बताया की राष्ट्रीय राजमार्ग 30 में आवारा घूमते हुए गौवंश के कान में लगे टैग को स्कैन कर पशुपालकों और मालिकों की पहचान कर एफआईआर दर्ज कराई गई है। पशुओं के टैग को स्कैन करने की कार्रवाई पशु चिकित्सक डॉ देवांगना चतुर्वेदी ने की थी।
इससे पहले कलेक्टर दिलीप कुमार यादव ने 23 अगस्त को प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया था। जिसमें कहा गया था कि आदेश का उल्लंघन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा के तहत और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत घुमंतु पशुओं के मालिकों और पशुपालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई हुई है। फिलहाल इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य पशु पालकों में हड़कंप मचा हुआ है और सुबह से ही सड़को में मवेशी विहीन नजर आई है।

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