नया घर, नई शुरुआत! लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि नए घर में वास्तु के अनुसार प्रवेश करना चाहिए? नए घर में प्रवेश करना हर किसी के जीवन का एक खूबसूरत सपना होता है, ये समय किसी भी इंसान के जीवन का बहुत किमती और यादगार पल होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार गृह प्रवेश करते समय कुछ बातों का जरूर ध्यान जरूर रखना चाहिए। माना जाता है कि वास्तु के नियमों का पालन करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है और सुख-समृद्धि आती है। अक्सर ऐसा होता होता है कि नए घर में प्रवेश करते समय बहुत से लोग वास्तु के नियमों का पालन नहीं करते हैं। ऐसा करने से वास्तु दोष लग सकता है जिसका असर आपके परिवार के सदस्यों पर पड़ सकता है। अगर आप भी जल्द ही किसी नए घर में शिफ्ट होने की तैयारी कर रहे हैं, तो इन 5 महत्वपूर्ण वास्तु नियमों का ध्यान ज़रूर रखें।
1. मुख्य द्वार के दिशा का चुनाव
वास्तु के अनुसार, घर का मुख्य द्वार ईशान कोण या उत्तर-पूर्व दिशा में होना चाहिए। मुख्य द्वार के लिए शुभ दिशा माना जाता है। इसलिए, यदि संभव हो तो, कोशिश करें कि घर का मुख्य द्वार इसी दिशा में हो। अगर ऐसा नहीं हो पाता है तो पूरब या पश्चिम की ओर भी कर सकते हैं।
2. गृह प्रवेश की शुभ मुहूर्त
गृह प्रवेश की सही तारीख और समय का चुनाव बहुत महत्वपूर्ण होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शुक्ल पक्ष के दिन, गुरुवार, शुक्रवार या रविवार को गृह प्रवेश करना शुभ माना जाता है। मगर फिर भी गृह प्रवेश का शुभ मुहूर्त के लिए किसी ज्ञानी ज्योतिषी से संपर्क करना चाहिए।
3. पूजा-पाठ का महत्व
पूजा-पाठ हमेशा घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। नए घर में प्रवेश करने से पहले, पूजा-पाठ करना ज़रूरी होता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है और नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं। इसलिए घर में सुख-शांति के लिए गृह प्रवेश के समय पूजा-पाठ का आयोजन जरूर करना चाहिए।
4. वास्तु दोषों का निवारण
अगर आपके नए घर में कोई वास्तु दोष है, तो उसे दूर करना ज़रूरी होता है। वास्तु विशेषज्ञ की सलाह लेकर आप इन दोषों का निवारण कर सकते हैं। इससे भविष्य में आने वाली समस्याएं कम होती हैं।

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