नई दिल्ली
राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) के अनिवासी भारतीय प्रकोष्ठ (एनआरआइ सेल) को 2019 से 2022 के बीच मिली शिकायतों में से करीब 75 प्रतिशत का समाधान किया जाना बाकी है। एक संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह बात कही।
महिला सशक्तीकरण पर संसदीय समिति की 'एनसीडब्ल्यू' और राज्य महिला आयोगों के कामकाज' पर रिपोर्ट गुरुवार को लोकसभा में पेश की गई।रिपोर्ट के अनुसार, एनसीडब्ल्यू के एनआरआई सेल को 2019 से 2022 तक महिलाओं से कुल 2,056 शिकायतें मिलीं। इनमें से 1,554 शिकायतों का समाधान लंबित है।
संसदीय समिति ने सिफारिश की कि एनसीडब्ल्यू को स्थानीय पुलिस, विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के समन्वय से मामलों को तेजी से हल करने और एनआरआइ पतियों द्वारा उत्पीड़ित, धोखाधड़ी की शिकार और परित्यक्त महिलाओं को राहत प्रदान करने के तरीके और साधन खोजने चाहिए।
जारी है जागरूकता अभियान
समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस तरह के उत्पीड़न व धोखाधड़ी के मामलों पर एक आंकड़ा तैयार किया जाए और जनता की जागरूकता के लिए प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया के माध्यम से प्रसारित किया जाए।एनआरआइ मामलों से निपटने में आने वाली विभिन्न कठिनाइयों के बारे में विस्तार से बताते हुए एनसीडब्ल्यू ने समिति को बताया कि भारत सरकार ने 43 देशों के साथ आपराधिक मामलों में पारस्परिक कानूनी सहायता संधि (एमएलएटी) या समझौते किए हैं।
आयोग ने भारतीय समुदाय कल्याण कोष के तहत मौजूदा दिशानिर्देशों के सीमित दायरे के कारण आने वाली विभिन्न चुनौतियों का सारांश भी प्रस्तुत किया।

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