उधमपुर.
विधानसभा चुनाव के पहले चरण में जम्मू संभाग के डोडा, रामबन और किश्तवाड़ जिलों में आठ सीटों के लिए 18 सितंबर को मतदान होने हैं। इनमें से दो सीटों के लिए पहली बार चुनाव होने जा रहे हैं। अन्य छह के इतिहास में कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस का गढ़ रहे, विस क्षेत्रों में 2014 में मोदी लहर के बीच तीन सीटों पर भाजपा ने पहली बार अपना खाता खोला था, जबकि 1996 के बाद दूसरी बार रामबन विधानसभा क्षेत्र का नेतृत्व करने का मौका प्राप्त किया था।
2014 के मुकाबले मौजूदा चुनावों में राजनीतिक हालात पूरी तरह से विपरीत हैं और नेकां व कांग्रेस जैसे विपक्षी दल एक दूसरे का समर्थन का एलान कर चुके हैं। कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद जैसे दिग्गज नेता भी अपनी नई पार्टी डीपीएपी के साथ चुनौती देने के लिए तैयार हैं। ऐसे में चिनाब घाटी की आठ सीटों पर दो नई सीटों के साथ इतिहास दोहरा पाना जहां पुराने दलों के लिए भी आसान नहीं होगा। वहीं, तीनों मुस्लिम बाहुल्य जिलों में इस बार भाजपा को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। रामबन जिले से शुरूआत करें तो रामबन विधानसभा क्षेत्र में 1962, 77, 87 व 2002 में हुए विधानसभा चुनावों में नेकां, जबकि 1967, 72, 83 और 2008 में कांग्रेस और 1996 और 2014 में भाजपा को सफलता मिली।

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