भोपाल
मध्य प्रदेश सरकार ने डाकुओं की सूचना देने वाले मुखबिरों को सरकारी नौकरी देने के नियम को खत्म कर दिया है। यह नियम 1981 में अर्जुन सिंह की सरकार में लाया गया था, लेकिन अब डॉ मोहन यादव की सरकार ने इसे खत्म करने का फैसला किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है और प्रदेश के सभी विभागों के अधिकारियों और कमिश्नर को निर्देश दिए हैं।
साल 1981 में अर्जुन सिंह के सीएम रहते डाकुओं की मुखबिरी करने वालों को सरकारी नौकरी देने का फैसला किया था। जिसे मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने खत्म कर दिया है। इसके लिए सभी विभागों के अधिकारियों और कमिश्नरों को सामान्य प्रशासन विभाग ने निर्देश जारी कर दिए हैं। एमपी के ग्वालियर-चंबल और चित्रकूट में डाकुओं का बोलबाला रहा है।

More Stories
ट्विशा शर्मा केस में बड़ा अपडेट, CBI ने कोर्ट में दाखिल की 636 पेज की चार्जशीट; गिरीबाला-समर्थ पर गंभीर आरोप
ग्वालियर के अचलेश्वर महादेव मंदिर का प्रशासन ने लिया नियंत्रण, दानपेटियां सील; अधिकारी करेंगे निगरानी
Ladli Behna Yojana: 19 अगस्त को लाड़ली बहनों के खाते में आएंगे ₹1,750, रक्षाबंधन पर CM मोहन यादव का बड़ा तोहफा