भोपाल
प्रदेश में मानसून अभी भी सक्रिय है, लेकिन राहत की बात है कि प्रदेश में कहीं पर भी बहुत ज्यादा वर्षा की चेतावनी नहीं है। भोपाल, जबलपुर, नर्मदापुरम, इंदौर एवं उज्जैन संभाग के जिलों में भी हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। वहीं रीवा, शहडोल, ग्वालियर, चंबल संभाग में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है।
मौसम विज्ञान केंद्र अनुसार मानसून द्रोणिका बीकानेर, उरई, मध्यप्रदेश के सीधी से रांची, दीघा से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। उत्तर-पश्चिम राजस्थान पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। दक्षिणी गुजरात पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात मौजूद है। पश्चिम बंगाल के गांगेय क्षेत्र एवं उससे लगे बांग्लादेश पर भी हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बन गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय इन मौसम प्रणालियों के असर से बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर से नमी आ रही है। इस वजह से प्रदेश में रुक-रुककर वर्षा हो रही है। गुरुवार से उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश में वर्षा की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने के आसार हैं। गुरुवार-शुक्रवार को रीवा, शहडोल, ग्वालियर, चंबल संभाग में कहीं-कहीं भारी वर्षा भी हो सकती है। भोपाल, जबलपुर, नर्मदापुरम, इंदौर एवं उज्जैन संभाग के जिलों में भी हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है।

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