नई दिल्ली
दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर की घटना के बाद एमसीडी की ओर से लगातार कड़ी कार्रवाई सामने आ रही है। दिल्ली में अवैध रूप से कोचिंग सेंटरों, पीजी और पुस्तकालयों के संचालन पर नकेल कसने के लिए नगर निगम प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। ओल्ड राजेंद्र नगर की घटना 27 जुलाई को रात के समय घटी थी। तब से लेकर अब तक निगम प्रशासन ने लगभग 85 कोचिंग सेंटरों, बेसमेंट व संपत्तियों को भवन निर्माण का उल्लंघन करने पर सील कर दिया है।
200 से अधिक संपत्तियों को नोटिस
इसके अतिरिक्त निगम ने 200 से अधिक संपत्तियों व उनके मालिकों को नियमों का उल्लंघन करने पर नोटिस जारी किए हैं। साथ ही अवैध रूप से संपत्तियों व बेसमेंट का दुरुपयोग करने वाले मालिकों की पहचान की जा रही है।
30 लाख संपत्तियों का सर्वे
इस संबंध में सभी जोन में इंजीनियरिंग विभाग, रखरखाव व इमारत विभाग सर्वे कर रहा है। इसमें लगभग 30 लाख संपत्तियों पर सर्वे किया जा रहा है। इसमें व्यावसायिक व रिहायशी संपत्तियां शामिल हैं। निगम के अधिकारियों ने बताया कि अब तक लगभग 85 संपत्तियों को भवन निर्माण का उल्लंघन करने पर सील किया है। बीते दो दिनों के दौरान मंगलवार और बुधवार को कुल 13 संपत्तियों को सील किया है।
जारी रहेगी कार्रवाई
बुधवार को शाहदरा दक्षिण, करोल बाग और नजफगढ़ जोन में टीमों ने संपत्तियों को सील किया है। बेसमेंट का अवैध रूप से दूसरे तरह से उपयोग करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। अब तक हुए सर्वे में यह पता चला है कि लोगों ने विभिन्न वस्तुओं के भंडारण व अन्य तरीके से बेसमेंट बनाकर उसकी स्वीकृति ली थी। लेकिन वह कुछ और कार्य इस बेसमेंट में करते पाए। यह भवन निर्माण के नियमों का उल्लंघन हैं। इन सभी के खिलाफ आने वाले दिनों में कार्रवाई जारी रहेगी।

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