रतलाम
लंबे समय बाद गुरुवार को जिले में झमाझम की झड़ी से नदी-नाले उफान पर आ गए। इससे चारों तरफ पानी ही पानी हो गया। शहर की सड़कों पर तीन से चार फीट तक पानी बहने लगा। निचले क्षेत्रों के घरों में भी पानी घुस गया। शाम करीब चार बजे से शुरू हुई तेज वर्षा में एक घंटे में ही पांच बजे तक रतलाम शहर में 80 मिमी बारिश रिकाॅर्ड की गई। रात करीब नौ बजे तक 120 मिमी से ज्यादा बारिश हो चुकी थी।चार घंटे में पांच इंच से अधिक बारिश हुई।
पिछले साल की तुलना में अभी कम बारिश
शहर में दोपहर करीब एक बजे तक मौसम सामान्य रहा। इसके बाद रिमझिम फुहारें शुरू हुई और करीब चार बजे से तेज वर्षा होते ही शहर के प्रमुख पावर हाउस रोड, दो बत्ती, न्यू रोड, शास्त्रीनगर, छत्रीपुल, जेल रोड, कालेज रोड, बाजना बस स्टैंड, पीएनटी काॅलोनी, खेरादीवास, घासबाजार, चौमुखीपुल, करमदी रोड, सायर चबूतरा सहित निचले इलाकों में जलजमाव हो गया। जिले में अब तक औसत 292.44 मिमी बारिश हो चुकी है। यह गत वर्ष की तुलना में 283.31 मिमी कम है। गत वर्ष इस अवधि में 575.75 मिमी बारिश हुई थी।
बाजना का मुख्य पाटिया तालाब लबालब होकर उफान पर आ गया।
रुक-रुककर होती रही बारिश
सैलाना : नगर में दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही। वर्षा से खरीफ फसलों को काफी लाभ होगा। क्षेत्र में अभी भारी बारिश की दरकार है, लेकिन यह पानी फसलों के मान से किसानों को काफी लाभदायक साबित होगा। अभी नाले, कुएं, बावड़ी, तालाब, पोखर आदि खाली पड़े हैं। आड़वानिया में केदारेश्वर का झरना तेज बारिश के बाद बहने लगा।
आकाशीय बिजली गिरने से मंदिर का शिखर क्षतिग्रस्त
आलोट : क्षेत्र में दोपहर बाद बादलों ने करवट बदली और कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश का दौरा दो घंटे तक जारी रहा। शाम बजे पांच बजे बाद बूंदाबांदी होती रही। समीपस्थ नागेश्वर पार्श्वनाथ तीर्थ परिसर में ऋषभदेव हिंकारश्री देवगुरु मंदिर के शिखर पर करीब 4:30 बजे अचानक आकाशीय बिजली गिरी। इससे मंदिर का शिखर क्षतिग्रस्त हो गया। परिसर में काम कर रहे मजदूर बाल-बाल बचे। क्षेत्र के बरखेड़ाकलां, कराड़िया, पिपलिया सिसोदिया सहित कई गांव में कहीं दो घंटे तो कहीं तीन घंटे बारिश हुई।
आकाशीय बिजली गिरने से नागेश्वर तीर्थ में क्षतिग्रस्त हुआ देवगुरु मंदिर का शिखर।
उफान पर आए नदी-नाले
बाजना : बारिश से आदिवासी अंचल तरबतर हो गया। नदी-नाले उफान पर आ गए। कई घरों व शासकीय कार्यालयों में पानी घुस गया। वार्ड नंबर चार के पंच किरण बेन व पूर्व सरपंच जमना नृसिंह डामर के घर में भी पानी घुस गया। आसपास के लोगों द्वारा मुख्य निकासी पर निर्माण करने से घरों में पानी घुस रहा है।
खेतों में लहलहाई फसलें
सरवन : क्षेत्र में झमाझम से किसानों के चेहरे खिल गए। मुरझाती फसलों को जीवनदान मिल गया। खरीफ फसलों के पौधे खेतों में लहलहा उठे।

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