बिलासपुर
जिला अस्पताल में बरसों से बर्न यूनिट की मांग की जा रही थी, क्योंकि मौजूदा स्थिति में सरकारी चिकित्सा सिस्टम के तहत सिर्फ सिम्स में ही बर्न यूनिट का संचालन होता है। वह हमेशा मरीजों से भरा रहता है। ऐसे में जलकर पहुंचने वाले मरीजों के लिए कई बार बेड तक नसीब नहीं हो पाता। ऐसे में मरीज को निजी अस्पताल में भर्ती करने की बाध्यता रहती है।
इन कमियों को देखते हुए ही जिला अस्पताल में सालों पहले बर्न यूनिट संचालित करने का निर्णय लिया गया, लेकिन उसे स्वीकृति नहीं मिल पा रही थी। वहीं बीते साल 10 बेड की बर्न यूनिट की स्वीकृति मिली। वहीं अब यह यूनिट लगभग बनकर तैयार हो चुकी है। ऐसे में आने वाले एक से डेढ़ सप्ताह में इस यूनिट को चालू कर दिया जाएगा। इसी तरह हमर लैब की सुविधा भी एक से डेढ़ सप्ताह में शुरू कर दिया जाएगा।
लैब तैयार कर लिया गया है। हमर लैब की खास बात यह है कि इसमें 117 प्रकार की विभिन्न पैथोलाजी जांच पूरी तरह से निश्शुल्क हो सकेगी। यह भी एक बड़ी सुविधा साबित होगी, क्योंकि इन जांच के लिए निजी पैथोलाजी सेंटर में काफी खर्च करना पड़ता है। साफ है कि यह आने वाले दिनों में बेहतर चिकित्सकीय सुविधा साबित होगी और जरूरतमंद मरीज इसका लाभ उठा सकेंगे।
75 बेड का होगा क्रिटिकल केयर यूनिट
राज्य में हमारा जिला अस्पताल एकमात्र ऐसा जिला अस्पताल होगा, जहां पर आने वाले दिनों में 75 बेड के क्रिटिकल यूनिट की सुविधा मिलेगी। इसकी खास बात यह रहेगी कि इसमे गंभीर मरीजों का इलाज संभव हो सकेगा। इसी को लेकर कलेक्टर अवनीश शरण ने गुरुवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण किया।
यहां उन्होंने क्रिटिकल यूनिट के लिए अस्पताल परिसर में जमीन का चयन करने का निर्देश दिया है, उन्होंने साफ किया है कि जमीन का चयन कुछ दिनों के भीतर कर लिया जाए, ताकि क्रिटिकल यूनिट का निर्माण जल्द से जल्द शुरू किया जा सके।
एक ही स्थान पर संचालित होंगे तीनों मेडिकल स्टोर
कलेक्टर अवनीश शरण ने निरीक्षण के दौरान कहा कि जिला अस्पताल में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र, धनवन्तरी मेडिकल स्टोर और रेडक्रास मेडिकल स्टोर संचालित हो रही है, लेकिन तीनों स्टोर अलग-अलग जगह है, ऐसे में दवा लेने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए अब तीनों दुकान को एक ही स्थान पर आजू-बाजू संचालित करने के निर्देश दिए हैं।

More Stories
छत्तीसगढ़ में डिजिटल जनगणना 2027 का शंखनाद
मनरेगा के तहत छत्तीसगढ़ को बड़ी सौगात : भारत सरकार से 1333 करोड़ रुपए स्वीकृत, 212 करोड़ की मजदूरी राशि का भुगतान
निर्माण गुणवत्ता में जरा भी लापरवाही नहीं चलेगी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय