त्रिपुरा
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि 'एक देश, एक चुनाव' समय की मांग है क्योंकि बार-बार होने वाले चुनाव के दौरान लागू होने वाली आचार संहिता से विकास गतिविधियां प्रभावित होती हैं। साहा ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद राज्य में पंचायत, स्वायत्त परिषद और नगर निकाय के चुनाव होने हैं। उन्होंने यहां एक सरकारी कार्यक्रम में कहा, ''चुनाव के कारण विकास कार्य कई महीनों तक ठप हो जाते हैं। 'एक राष्ट्र एक चुनाव' समय की मांग है।''
देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति ने मार्च में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' पर अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में उन्होंने पहले कदम के रूप में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराने तथा उसके बाद 100 दिन के भीतर स्थानीय निकाय चुनाव कराने की सिफारिश की थी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सरकारी अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपना कार्य निर्धारित समय में पूरा करें। साहा ने कहा कि सरकार प्रशासनिक कार्यों के डिजिटलीकरण के तहत पहले ही ई-विधानसभा और ई-कैबिनेट की शुरुआत कर चुकी है। उन्होंने कहा, ''अब अधिकारियों को फाइल ले जाने की जरूरत नहीं है क्योंकि ई-कैबिनेट सुविधा का उपयोग करके सभी काम किए जा रहे हैं। इससे काम में पारदर्शिता और प्रभावकारिता आती है।''

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