अधिमास की दूसरी एकादशी को परमा या परम एकादशी Parama Ekadashi 2023) कहा जाता है. इस बार अगस्त महीने की 12 तारीख को परमा एकादशी का व्रत रखा जाएगा. इस दिन स्नान दान पूजा और व्रत का विशेष महत्व है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार परम एकादशी का व्रत पांच दिन तक रखने का विधान है. कहा जाता है ये पंचरात्री अत्यंत पुण्य कारी होती है. यही वजह है कि सनातन धर्म में इस एकादशी का विशेष महत्व है.
यह एकादशी दुर्लभ सिद्धियों को देने वाला होता. इस पांच दिनों के पूजा आराधना और व्रत से भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की कृपा भी बरसेगी.
पूजा के दौरान करें ये उपाय
इस दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान के बाद भगवान विष्णु का ध्यान करके व्रत की शुरुआत करनी चाहिए. पूजा और व्रत के दौरान पीले वस्त्र धारण करना चाहिए. इसके अलावा भगवान विष्णु को पीले वस्त्र और पिला फूल भी अर्पण करना चाहिए. इसके अलावा इस दिन भगवान शिव के पूजा का विधान भी है.हर और हरी की कृपा से मनुष्य के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं.
ये है पौराणिक कथा
पौराणिक कथा के मुताबिक, भगवान शंकर ने इस दिन ही कुबेर को धनाध्यक्ष बनाया था. इसके अलावा रक कथा ये भी है कि इस व्रत के प्रभाव से ही सत्यवान राजा हरिश्चंद्र को पुत्र और राज्य की प्राप्ति हुई थी. यही वजह है कि इस व्रत का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है.

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