नई दिल्ली.
आरएसएस के पदाधिकारी ने कांग्रेस का नाम लिए बगैर आपातकाल को लेकर जमकर हमला बोला है। आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी सुनील अंबेकर ने कहा कि हमको समझना होगा कि किन लोगों और किन कारणों से ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई थी कि आपातकाल लगाया गया था। जिसके कारण लोकतंत्र और लोगों के अधिकार खतरे में पड़ गए थे।
आंबेकर ने आगे कहा कि भारत के स्वतंत्र गणराज्य बनने के 25 साल बाद ही आपातकाल लगा दिया गया। लोकतांत्रिक अधिकारों को खत्म करने वाला यह आपातकाल का खतरा विदेश से नहीं बल्कि हमारी अपनी राजनीतिक व्यवस्था से आया था। आंबेकर ने बताया कि आपातकाल के दौरान मैं बहुत छोटा था। मैं कई वर्षों तक विद्यार्थी परिषद से जुड़ा रहा। देश के छात्रों और संघ (आरएसएस) के स्वयंसेवकों और समाज के लोगों, सभी ने एक साथ आकर आपातकाल का विरोध किया। आपातकाल की अवधि के दौरान लोगों को विभिन्न प्रकार के उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था।

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