भोपाल
सरकारी महकमों में पदस्थ शासकीय अधिकारी-कर्मचारी स्वयं और उनके आश्रितों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति के देयक आधे-अधूरे भेज रहे है जिसके चलते उनके निराकरण में अनावश्यक विलंब हो रहा है। इसको लेकर स्वास्थ्य आयुक्त सुदाम खाड़े ने 55 विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिवों को पत्र लिखकर इसमें सुधार करने का आग्रह किया है।
उन्होंने अनुरोध किया है कि चेकलिस्ट के अनुसार अधीनस्थ कर्मचारियों के चिकित्सा देयकों का प्रारंभिक परीक्षण प्रशासकीय विभाग स्तर पर प्रथमत: सुनिश्चित करने के उपरांत ही वास्तवित देयकों का दावा भुगतान राशि यदि पांच लाख से कम हो तो संभागीय समिति अनुसार कार्यालय क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं में तथा दावा मूल्य पांच लाख से अधिक और बीस लाख से कम हो तो राज्य स्तरीय समिति के अनुसार संचालक चिकित्सा शिक्षा को भेजे जाएं।
इसमें आवेदन पत्र, उपकरणों की स्थिति, बीमार का नाम, रोगी से शासकीय कर्मचारी का संबंध, सूचीबद्ध अस्पताल है या नहीं, उपचारित बीमारी के सीजीएचएस पैकेज की जानकारी, बीमारी की अवधि, अस्पताल का अंतिम बिल, दावा की गई राशि का उल्लेख, रोग निदान के दौरान पैथालाजी और अन्य जांचों की मूल रसीद, जांच रिपोर्ट, दवाओं के बिल, शासकीय कर्मचारी के हस्ताक्षर और अस्पताल अधीक्षक के हस्ताक्षर, परीक्षणकर्ता और प्रशासकीय विभाग के हस्ताक्षर और सील होना चाहिए।

More Stories
एमपी बोर्ड की दूसरी मुख्य परीक्षा: आवेदन का कल आखिरी मौका, 7 मई से परीक्षा शुरू
पारिवारिक संस्कृति व प्रेम, शांति, सद्भावना रथ को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिखाई हरी झण्डी
मध्य प्रदेश के 10 जिलों में भीषण गर्मी का अलर्ट, 21-23 अप्रैल तक लू का यलो अलर्ट, खजुराहो में तापमान 43 डिग्री के करीब