काहिरा.
इस्राइल-हमास संघर्ष के बीच फलस्तीन के समर्थन में यमन के हूतियों ने लाल सागर और हिंद महासागर में छह अभियान चलाए। इस दौरान एक अमेरिकी विमानवाहक पोत, एक युद्धपोत और तीन जहाजों को निशाना बनाया। यह जानकारी ईरान समर्थित समूह के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने दी। ईरान गठबंधन हूती संगठन लाल सागर में नवंबर से लगातार ड्रोन हमले कर रहा है।
इससे जहाजों को दक्षिणी अफ्रीका की तरफ मुड़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस्राइल-हमास युद्ध के बढ़ने की आशंका है, इससे मध्य-पूर्व एक बार फिर अस्थिर हो सकता है। इस साल मार्च में हूती संगठन के एक नेता ने कहा था कि वह इस्राइल से जुड़े जहाजों को रोकने के लिए वह हमले तेज कर रहा है। याह्या सारी ने शनिवार को कहा कि हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के उत्तर में स्थित अमेरिकी विमानवाहक पोत आइजनहावर को कई मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया। यह हमला पिछले 24 घंटों में दूसरी बार किया गया है।
इनको बनाया गया निशाना
प्रवक्ता ने आगे बताया कि अन्य अभियानों में लाल सागर में एक अमेरिकी युद्धपोत और अबलियानी जहाज को निशाना बनाया गया है। साथ ही मैना जहाज को भी निशाना बनाया गया। इस जहाज पर लाल सागर और अरब सागर में दो बार हमला करने की कोशिश की गई। इसके अलावा, हिंद महासागर में जहाज अलोराईक को भी निशाना बनाया गया। हूती विद्रोहियों के ड्रोन और मिसाइल हमलों का उद्देश्य बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य और अदन की खाड़ी है। इन हमलों की वजह से जहाजों को दक्षिणी अफ्रीका की तरफ मुड़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

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