रूस
रूस लगभग एक साल से यूक्रेन के साथ युद्ध कर रहा है। पिछले 11 महीनों के युद्ध की तबाही की कई भयावह तस्वीरें देखी गई लेकिन युद्ध थमने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। बल्कि व्लादिमीर पुतिन के मंसूबे आने वाले दिनों में युद्ध को और तेज करने के हैं। अगर रूस यूक्रेन के खिलाफ और भी कदम उठाता है, तो सुनामी जैसे प्रकृति खतरे की संभावना बढ़ जाएगी। अतीत में पूरी दुनिया ने सुनामी की भयावहता देखी है। इस बार पुतिन की सनक सुनामी का कारण बन सकती है। आइए जानें कैसे?
पुतिन के देश ने इस नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया है। यूक्रेन के साथ युद्ध में मास्को ने एक ऐसा 'ब्रह्मास्त्र' बनाया है, जो सुनामी जैसी ज्वारीय लहर पैदा कर सकता है। रूस ने एक विशेष प्रकार का परमाणु संचालित टॉरपीडो विकसित किया है। जिसका नाम 'पोसीडॉन' (Poseidon) रखा गया है। इस टॉरपीडो को परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी से लॉन्च किया जाएगा। उस पनडुब्बी का काम भी अंतिम चरण में है।
2018 में दुनिया के सामने लाया गया था
2018 में इस हथियार को सबसे पहले पुतिन ने सार्वजनिक किया था। तभी से रूस इस अत्याधुनिक और खतरनाक हथियार से अभ्यास कर रहा है। हाल ही में उस हथियार को बनाने का काम पूरा किया गया है। पहले चरण में 'पोसीडॉन' नाम के परमाणु ऊर्जा से चलने वाले इस विशेष टॉरपीडो को बनाने का काम पूरा हो चुका है। जल्द ही इसे बेलग्रेड स्थित नेवल बेस भेजा जाएगा।
लंबी दूरी तय कर सकता है ये हथियार
पोसीडॉन ग्रीक पौराणिक कथाओं में समुद्र का देवता है। उन्हीं के नाम पर इस हथियार का नाम रखा गया है। लेकिन यह सिर्फ टॉरपीडो नहीं है। यह हथियार ड्रोन और टॉरपीडो का कॉम्बिनेशन है। यह परमाणु ऊर्जा से चलने वाली स्वचालित मिसाइल है। जो पनडुब्बी से लॉन्च किए जाने के बाद लंबी दूरी तक लक्ष्य को भेदने में सक्षम है। दुनिया में ऐसा कोई हथियार नहीं है जो पुतिन के इस हथियार को नष्ट कर सके। यानी इसके अविनाशी होने का दावा किया जाता है। यह हथियार दुश्मन पर चुपचाप वार कर सकता है। यदि टारपीडो को तटीय क्षेत्र में फेंका जाता है, तो यह सुनामी जैसी विशाल ज्वारीय लहर पैदा कर सकता है। यह हथियार इतना शक्तिशाली है कि यह अमेरिकी तटीय शहरों को तबाह कर सकता है।

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