भोपाल
जेपी अस्पताल में डाक्टरों की मनमर्जी से आवाजाही पर अब रोक लगेगी। उन्हें तय समय तक अस्पताल में रहना भी होगा। इसके लिए जीपीएस आधारित सार्थक मोबाइल एप से ही अस्पतालों में चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने की फिर से कवायद शुरू हो गई है। इसकी शुरूआत आज यानि सोमवार से होने जा रही है। दरअसल तीन दिन पहले कलेक्टर आशीष सिंह ने जेपी अस्पताल का निरीक्षण किया था, जिसमें 22 डॉक्टर ड्यूटी से नदारद पाए गए थे, जिन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। इसलिए प्रबंधन ने डॉक्टरों की गैरहाजिर रहने पर लगाम लगाने के लिए सार्थक एप अनिवार्य किया है।
विरोध के कारण टाल दिया था
जेपी अस्पताल में इससे पहले दो माह पहले सार्थक एप की शुरूआत की गई थी, लेकिन डॉक्टर व अन्य स्टाफ के विरोध के कारण इसे टाल दिया गया था। इसके बाद एप का उपयोग नहीं हो सका।
वेतन काटा जाएगा
बतादें कि इस एप से डाक्टरों की लोकेशन भी पता चल सकेगी। एप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले डाक्टरों और कर्मचारियों का वेतन रोका जाएगा। हांलाकि कुछ विभागों में पहले से ही सार्थक एप का उपयोग इसके लिए किया जा रहा है।
इनका कहना है
अस्पताल में एक या दो दिन में सार्थक एप के माध्यम से डॉक्टरों और कर्मचारियों की हाजिरी लगना शुरू हो जाएगी।
डॉ. राकेश श्रीवास्तव, सिविल सर्जन, जेपी अस्पताल

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